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Uttarakhand Accident: ये चौंकाने वाले कारण: 9 सीटर बोलेरो में 15 बैठे थे, ड्राइवर की जगह अनट्रेंड चला रहा था
देहरादून। उत्तराखंड (Uttrakhand) की राजधानी देहरादून (Dehrudun Accident) में रविवार को बड़े हादसे की वजह से ओवरलोडिंग (Overloading) सामने आया है। यहां विकास नगर में चकराता के पास एक बोलेरो (Bolero) खाई में गिर गई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हैं। बोलेरो में सवार सभी लोग एक ही गांव के रहने वाले थे। खाई में गिरते ही वाहन के परखच्चे उड़ गए। कड़ी मशक्कत के बाद सभी शवों और घायलों को खाई से बाहर निकाला जा सका। हादसे के मामले में परिवहन विभाग (RTO) की कार्यशैली पर सवालों के घेरे में है। आईए जानते हैं हादसे की वजह और चौंकाने वाले खुलासे....

बोलेरो 100 मीटर आगे बढ़ी और हादसा हो गया
उत्तराखंड के चकराता में रविवार को दर्दनाक हादसे के कारणों में शुरुआती खुलासे चौंकाने वाले हैं। इसमें बोलेरो का ड्राइवर भी रेग्यूलर नहीं था। जो युवक रोज बोलेरो चलाता था, वह कहीं गया था। इसलिए मालिक ने ही स्टेयरिंग थाम ली थी। इसके बाद जैसे ही कार 100 मीटर आगे बढ़ी तो 300 फीट गहरी खाई में गिर गई और लोग हादसे का शिकार हो गए।
मालिक खुद चला रहा था गाड़ी
एसपी देहात स्वतंत्र कुमार सिंह के मुताबिक, हादसे के कारणों के बारे में अभी ज्यादा पता नहीं चला है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि इस गाड़ी को रोज ड्राइवर चलाता था। लेकिन, शनिवार को उसे कुछ काम था तो वह अपने गांव में उतर गया था। यह गाड़ी नरेंद्र की थी। नरेंद्र ने उससे कहा था कि वह सुबह उसे गांव से ले लेगा। यहां तक वह खुद गाड़ी चलाकर आ जाएगा। रविवार को ड्राइवर नहीं आया था। इसके चलते गाड़ी नरेंद्र ही लेकर चल दिया।
क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं
ये हादसा विकासनगर-बुल्हाड़ बायला रोड पर हुआ। बोलेरो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। आरटीओ से बोलेरो 9 सीटर पास है। लेकिन, इसमें रविवार को 15 सवारियां बैठी थीं। खचाखच गाड़ी भरे होने के कारण गाड़ी चला रहे मालिक ने थोड़ी दूर जाकर नियंत्रण खो दिया और 300 मीटर दूर वाहन खाई में जा गिरा। एसपी देहात का कहना था कि ये जानकारी सिर्फ स्थानीय लोगों ने ही दी है।
पशुओं के चारे की व्यवस्था करने जा रहे थे गांव के लोग
घटना की अन्य वजहों के बारे में अभी जांच चल रही है। मृतकों के अंतिम संस्कार होने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि नरेंद्र को गाड़ी चलाने का अनुभव नहीं था। इसके चलते यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। पता चला है कि बोलेरो में स्थानीय लोग छानी में पशुओं के चारे की व्यवस्था करने जा रहे थे। दो लोग पास में ही घराट जाने के लिए सवार हुए थे। इन्होंने गेहूं के बोरे भी गाड़ी में लादे हुए थे। सभी एक ही गांव के रहने वाले थे।
पुलिस ने कहा- ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई करेंगे
हादसे के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये हादसा बेहद गंभीर है। क्षेत्र में पहले भी इस तरह के हादसे हुए हैं। पुलिस समय-समय पर ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करती है। अब परिवहन विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
मजिस्ट्रेट से करेंगे हादसे की जांच
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क हादसे की जांच मजिस्ट्रेट से कराए जाने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी देहरादून को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए कि वाहनों में ओवरलोडिंग न हो। यदि इस तरह की कोई बात आती है तो संबधित पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर व जिलाधिकारी देहरादून आर. राजेश कुमार घटना स्थल के लिए रवाना हो गए थे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
हादसा के बाद ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला
हादसा रविवार सुबह करीब 8 बजे हुआ। बोलेरो के 300 फीट गहरी खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बस के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। ग्रामीणों ने ही हादसे की सूचना पुलिस को दी। इसके तुरंत बाद पुलिस और SDRF की टीमें बचाव अभियान में जुट गईं।
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