- Home
- States
- Punjab
- जब एक साथ जलीं 4 मासूमों की चिताएं तो रो पड़ा हर शख्स, बच्चों के शव से लिपटकर चीख रहे थे माता पिता
जब एक साथ जलीं 4 मासूमों की चिताएं तो रो पड़ा हर शख्स, बच्चों के शव से लिपटकर चीख रहे थे माता पिता
संगरूर. पंजाब के संगरूर जिले में वैन हादसे में मरने वाले चार बच्चों का जब आज एक साथ अंतिम संस्कार हुआ तो हजारों लोगों की आंखें नम थीं। मासूमों के माता- पिता उनके शवों से लिपटकर फूट-फूटकर रो रहे थे। बच्चों की अंतिम झलक देखने के लिए पूरा गांव उमड़ा था। चारों की चताएं एक-दूसरे के पास जलाई गईं थीं।
17

जब इन बच्चों की अर्थी निकाली गई तो चारों तरफ गमगीन माहौल पसर गया। सभी दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकान बंद कर लीं। ये समझिए पूरा बाजार बंद था। हर एक इंसान अपने आंसू नहीं रोक पाया। इस अर्थी में हाजारों लोग शामिल हुए थे। पीड़ितों से हमदर्दी जताने के लिए हर राजनीतिक पार्टी का नेता यहां पहुंचा हुआ था। जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर एसपी और कई बड़े-बड़े अफसर भी इस अंतिम यात्रा में पहंचा हुआ था।
Add Asianetnews Hindi as a Preferred Source

27
यह दर्दनाक हादसा शनिवार दोपहर को संगरूर जिले के कस्बा लौंगोवाल में हुआ। जब अचानक एक स्कूल वैन में आग लग गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिमरन पब्लिक स्कूल के बच्चे स्कूल से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक वैन में आग लग गई थी। जिसमें चंद पलों में देखते ही देखते चार मासूम जिंदा जल गए। मृतकों में तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है।
37
हादसा इतना भयानक था कि मासूम बच्चियां मम्मी-मम्मी चीखने के अलावा कुछ नहीं कर सकीं। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का शिकार बनी छात्राओं की उम्र 4 से 6 साल बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल वैन में करीब 12 बच्चे सवार थे।
47
जानकारी के मुताबिक जिस वैन में यह हादसा हुआ वह 22 साल पुरानी है। बताया जा रहा है कि यह वैन दो दिन पहले ही कबाड़ी से खरीदी गई थी और इसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया गया था।
57
चश्मीदीदों ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि देखते ही देखत चंद पलों में ही आग ने वैन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। हम जब तक पहुंचे तब तक चार बच्चे दम तोड़ चुके थे। जिस किसी ने इस भयानक हादसे को देखा उसके मुंह से सिर्फ हे भगवान ही निकला।
67
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर बिग्रेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। जहां उन्होंने बाकी के बच्चे को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहंचा गया। जिसकी वजह से 8 बच्चों की जान बच गई। सभी मृतक बच्चियां पहली-दूसरी कक्षा की थीं। इनके नाम नवजोत कौर, सिमरनजीत कौर, राध्या रानी और कमलप्रीत कौर के तौर पर हुई है।
77
घटना के बाद पंजाब मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार के शिक्षा मंत्री विजय इन्दर सिंगला का कहना है कि स्कूल को अस्थाई मान्यता प्रदान की गई थी जिसे रद्द कर दिया गया है।
पंजाब की राजनीति, किसान मुद्दे, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक-सामाजिक खबरें पढ़ें। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना और ग्रामीण क्षेत्रों की विशेष रिपोर्ट्स के लिए Punjab News in Hindi सेक्शन देखें — ताज़ा और प्रामाणिक खबरें Asianet News Hindi पर।
Latest Videos