- Home
- States
- Punjab
- पिता ने कांपते हाथों से जलाई इकलौते बेटे की चिता, 8 साल की मन्नतों के बाद हुआ था पैदा
पिता ने कांपते हाथों से जलाई इकलौते बेटे की चिता, 8 साल की मन्नतों के बाद हुआ था पैदा
तरनतारन (पंजाब). सोचो जिस बेटे के जन्म के लिए माता-पिता ने शादी के 8 साल तक मन्नंत मांगी हो और एक दिन वही इस दुनिया से अचानक अलविदा हो जाए तो मां-बाप के दिल पर क्या गुजरेगी। दिल को झकझोर देने वाली ऐसी दुखद घटना पंजाब के एक परिवार में हुई है। जहां एक मजबूर पिता ने कांपते हाथों से अपने बेटे की चिता को आग दी। शमशान में मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू थे। हर कोई यही कह रहा था कि भगवान का ऐसा कैसा खे ल कि जिसके लिए दर-दर भटकर उसके पैदा होने की कामना की। फिर एक दिन वही उसको छीन लेता है। दरअसल, शनिवार के दिन तारनतरन में नगर कीर्तन के दौरान ट्राली में हुए धमाकों में मारे 12 साल के गुरुदीप सिंह की मौत हो गई थी।
15

रविवार के दिन जब मासूम गुरुप्रीत सिंह की अर्थी निकली तो हर कोई रो पड़ा। मासूम का अंतिम संस्कार पाहुविंड में सिख मर्यादा के अनुसार कर दिया गया। मासूम अपने मां-बाप के इकलौते बेटा था।
25
हादसे में जख्मी चश्मदीद अनमोल प्रीत ने बताया कि मासूम मरने के बाद भी कई लोगों की जान बचा गया। गुरप्रीत पटाखों की बोरियों पर बैठा था। अगर वह उसके ऊपर ना बैठे होता तो यह धमाका ज्यादा बड़ा होता और कई लोगों की मौत हो सकती थी। किशोर ने धमाके को अपने में समेट लिया जिससे उनकी जान चली गई।
35
तरनतारन जिले में शनिवार को धार्मिक जुलूस के दौरान पटाखा विस्फोट में हादसा तब हुआ, जब नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालु बाबा दीप सिंह के जन्मस्थान पहुविंड से शहीदी स्थित गुरुद्वारा टाहला साहिब जा रहे थे। पटाखों की ट्रॉली में करीब 6 किलो खुला पोटेशियम रखा था। इसी बीच, शाम करीब 4.00 बजे नगर कीर्तन जब गांव डालेके पहुंचा तो पटाखों की चिंगारी खुले पोटेशियम में गिर गई और धमाका हो गया। जिसमें एसएसपी ध्रुव दहिया ने पहले 14 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई थी। इसके तुरंत बाद आईजी बॉर्डर रेंज एसपीएस परमार ने दो बच्चों के मारे जाने की पुष्टि की।
45
धमाका इतना जबरदस्त था कि जिस ट्रॉली में धमाका उसके परखच्चे उड़ गए। जिसमें मौके पर ही दोनों मासूमों ने दम तोड़ दिया। वहीं कई लोग बुरी तरह से घायल हो गए। आलम यह था कि हादसे के समय लोग यह पता नहीं लगा पा रहे थे इसमें कितने लोगों की मौत हुई है।
55
धमाके में मारा गया गुरप्रीत सिंह (13) छठी क्लास में पढ़ता था। गुरप्रीत के परिजनों ने बताया कि शादी के आठ साल बाद गुरप्रीत का जन्म हुआ था
पंजाब की राजनीति, किसान मुद्दे, रोजगार, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक-सामाजिक खबरें पढ़ें। चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना और ग्रामीण क्षेत्रों की विशेष रिपोर्ट्स के लिए Punjab News in Hindi सेक्शन देखें — ताज़ा और प्रामाणिक खबरें Asianet News Hindi पर।
Latest Videos