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लॉक डाउन के कारण 22 दिनों से फंसे हैं बाराती, ससुराल में ही पड़ा है दूल्हा

First Published Apr 12, 2020, 6:21 PM IST
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अलीगढ़ (Uttar Pradesh) । लॉक डाउन कारण जो जहां हैं वहीं फंसा है। हालांकि हर कोई अपने घर जाने के लिए परेशान हैं। इसी बीच अतरौली थाना क्षेत्र के गांव बिधिपुर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां लॉकडाउन के चलते शादी के 22 दिन बाद भी दुल्हन की विदाई नहीं हो सकी है, जबकि दूल्हा समेत बारात में आए 12 लोग भी 21 मार्च से ही यहीं फंसे हैं। दूल्हन के परिवार वालों के गरीब होने के कारण प्रशासन की टीम भी यहां रुके लोगों को एक वक्त का खाना आदि मुहैया करा रही है, जबकि एक समय का खाना घर वालों की तरफ से मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सभी का चेकअप किया है और सभी को स्वस्थ्य बताया गया है। बता दें कि ये लोग झारखंड के धनबाद से आए हैं, जिनमें एक दूल्हा और 11 बाराती शामिल हैं।
 

अतरौली के गांव बिधिपुर में नरपत सिंह आर्य की बेटी सावित्री आर्य की शादी 22 मार्च को थी। बारात झारखंड के धनबाद जिले की तहसील के गांव बेली से आई थी। दूल्हा, दूल्हे के भाई बहनों सहित करीब 12 लोग 21 मार्च की रात करीब 9:00 बजे बारात लेकर गांव बिधिपुर पहुंचे थे।

अतरौली के गांव बिधिपुर में नरपत सिंह आर्य की बेटी सावित्री आर्य की शादी 22 मार्च को थी। बारात झारखंड के धनबाद जिले की तहसील के गांव बेली से आई थी। दूल्हा, दूल्हे के भाई बहनों सहित करीब 12 लोग 21 मार्च की रात करीब 9:00 बजे बारात लेकर गांव बिधिपुर पहुंचे थे।

22 मार्च को दूल्हा विजय कुमार पुत्र रामनाथ के साथ सावित्री की शादी की रस्में पूरी कराई गई। वहीं,21 मार्च की रात 8 बजे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक दिन का कर्फ्यू लगा दिया। इन लोगों को उम्मीद थी कि 23 मार्च को कर्फ्यू खुल जाएगा।

22 मार्च को दूल्हा विजय कुमार पुत्र रामनाथ के साथ सावित्री की शादी की रस्में पूरी कराई गई। वहीं,21 मार्च की रात 8 बजे प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक दिन का कर्फ्यू लगा दिया। इन लोगों को उम्मीद थी कि 23 मार्च को कर्फ्यू खुल जाएगा।

दुल्हन समेत सभी 13 लोगों को वापसी का रिजर्वेशन 23 मार्च का था लेकिन, उसके बाद 14 अप्रैल तक का लॉकडाउन हो गया, तभी से सभी वाहन भी बंद है। इनके जाने के सारे रास्ते बंद हो गए। अब बाराती यही गांव बिधिपुर में फंस कर रह गए हैं।

दुल्हन समेत सभी 13 लोगों को वापसी का रिजर्वेशन 23 मार्च का था लेकिन, उसके बाद 14 अप्रैल तक का लॉकडाउन हो गया, तभी से सभी वाहन भी बंद है। इनके जाने के सारे रास्ते बंद हो गए। अब बाराती यही गांव बिधिपुर में फंस कर रह गए हैं।

लड़की के पिता नरपत सिंह का कहना है कि बारात 21 तारीख की रात 9 बजे के करीब आई थी। 22 मार्च को हमारे यहां शादी थी, लेकिन 21 तारीख की रात को पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन हुआ।

लड़की के पिता नरपत सिंह का कहना है कि बारात 21 तारीख की रात 9 बजे के करीब आई थी। 22 मार्च को हमारे यहां शादी थी, लेकिन 21 तारीख की रात को पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन हुआ।

पीएम के संबोधन के बाद रात 12 बजे से जनता कर्फ्यू लगा दिया गया था। उसके बाद फिर लॉकडाउन घोषित हो गया। इसकी वजह से लोग यहां से नहीं जा पाए हैं।

पीएम के संबोधन के बाद रात 12 बजे से जनता कर्फ्यू लगा दिया गया था। उसके बाद फिर लॉकडाउन घोषित हो गया। इसकी वजह से लोग यहां से नहीं जा पाए हैं।

23 तारीख की सुबह 8:00 का रिजर्वेशन था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नहीं जा पाए। उसी दिन से घर पर ही इनका अरेंजमेंट किया गया है। हमने प्रशासन को भी सूचना दी थी। वहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी। प्रशासन ने कहा कि जब तक लॉकडाउन है तब तक जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

23 तारीख की सुबह 8:00 का रिजर्वेशन था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नहीं जा पाए। उसी दिन से घर पर ही इनका अरेंजमेंट किया गया है। हमने प्रशासन को भी सूचना दी थी। वहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी। प्रशासन ने कहा कि जब तक लॉकडाउन है तब तक जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

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