लॉकडाउन में बिगड़ गई घर की माली हालत, अब लाई-चना बेच रहा यह क्रिकेटर

First Published 29, Jun 2020, 4:56 PM

सोनभद्र (Uttar Pradesh) ।  उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (यूपीसीएबी) के उप कप्तान बनने तक का सफर तय करने वाले चंदन कुमार के घर की आर्थिक स्थिति लॉकडाउन के चलते बिगड़ गई। जिसके कारण वो अपने पिता के साथ लाई-चना भुनने के लिए मजबूर हैं। चंदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व खेल मंत्री को पत्र भेजकर आर्थिक मदद की मांग की है। बता दें कि चंदन कुमार शक्तिनगर के रहने वाले है, जो 2 अक्टूबर 2018 में भारत-इंग्लैंड के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत की तरफ से खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी।   

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प्यारेलाल की 7 संतानों में तीसरे नंबर चंदन कुमार 12वीं तक पढ़ाई किए हैं। 2018 में टीम इंडिया की तरफ से बंग्लुरू में इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेला था। तब भारत को शानदार जीत दिलाई थी। </p>


प्यारेलाल की 7 संतानों में तीसरे नंबर चंदन कुमार 12वीं तक पढ़ाई किए हैं। 2018 में टीम इंडिया की तरफ से बंग्लुरू में इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेला था। तब भारत को शानदार जीत दिलाई थी। 

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उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (यूपीसीएबी) ने चंदन कुमार उप कप्तान बना दिया गया। चंदन अब तक दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में आयोजित टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश को ट्रॉफी दिला चुके हैं। </p>


उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (यूपीसीएबी) ने चंदन कुमार उप कप्तान बना दिया गया। चंदन अब तक दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में आयोजित टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश को ट्रॉफी दिला चुके हैं। 

<p>चंदन ने कहते हैं मैं दृष्टिबाधित उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का उप कप्तान हूं। 2 अक्टूबर साल 2018 में भारत व इंग्लैंड के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत की तरफ से खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। </p>

चंदन ने कहते हैं मैं दृष्टिबाधित उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का उप कप्तान हूं। 2 अक्टूबर साल 2018 में भारत व इंग्लैंड के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत की तरफ से खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। 

<p>चंदन ने कहते हैं कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो चुकी है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला है। परिवार का खर्च चलाने के लिए पिता जी को बहुत ज्यादा काम करना पड़ता है। इसलिए उनका हाथ बंटाने के लिए मुझे भी उनका सहयोग करना पड़ रहा है। </p>

चंदन ने कहते हैं कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो चुकी है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला है। परिवार का खर्च चलाने के लिए पिता जी को बहुत ज्यादा काम करना पड़ता है। इसलिए उनका हाथ बंटाने के लिए मुझे भी उनका सहयोग करना पड़ रहा है। 

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चंदन की मदद के लिए कुछ समाजसेवी संगठन सामने आए हैं। जिन्होंने जिलाधिकारी एस राजलिंगम को मांग पत्र भेजकर चंदन कुमार गुप्ता को जनपद में स्थापित सरकारी अथवा निजी संस्थान में नौकरी दिए जाने की मांग की है। वहीं, चंदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व खेल मंत्री को पत्र भेजकर आर्थिक मदद की मांग की है।</p>


चंदन की मदद के लिए कुछ समाजसेवी संगठन सामने आए हैं। जिन्होंने जिलाधिकारी एस राजलिंगम को मांग पत्र भेजकर चंदन कुमार गुप्ता को जनपद में स्थापित सरकारी अथवा निजी संस्थान में नौकरी दिए जाने की मांग की है। वहीं, चंदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व खेल मंत्री को पत्र भेजकर आर्थिक मदद की मांग की है।

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