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दोस्त ने ही मामूली विवाद में मार कर घर में दफनाया, फिर मांगी 20 लाख की फिरौती; ऐसे हुआ खुलासा
चंदौली(Uttar Pradesh). तीन दिन पहले रहस्यमय ढंग से लापता किशोर की उसके दोस्तों ने ही चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। शराब के नशे में धुत हत्यारे दोस्तों ने शव को अर्द्धनिर्मित मकान में गाड़ कर मृतक के परिजनों से 20 लाख की फिरौती मांग ली। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ने शुक्रवार की देर रात सनसनीखेज खुलासा किया। हत्यारोपितों की निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया है। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में खलबली मच गई। एसपी हेमंत कुटियाल ने शुक्रवार की रात पुलिस लाइन में खुलासा किया।

सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछिया गांव निवासी किराना व्यापारी नंदलाल जायसवाल का पुत्र 17 वर्षीय सिद्धार्थ जायसवाल उर्फ वीरू 15 सितंबर की सुबह अपने घर से निकला। लेकिन वह देर शाम तक नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। दो दिन बाद गुरुवार की शाम सिद्धार्थ के मोबाइल नंबर से पिता नंदलाल जायसवाल को फोन आया। फोन करने वाले अनजान युवक ने सिद्धार्थ का अपहरण की बात कहते हुए 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी। यह सुनते ही परिजनों में हड़कंप मच गया।
नंदलाल जायसवाल ने गुरुवार की शाम को ही सदर कोतवाली में सिद्धार्थ के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाल बृजेशचंद्र मामले की तफ्तीश में जुट गए। नंदलाल जायसवाल के मकान के सामने सड़क के उस पार कंदवा थाने के अमड़ा गांव निवासी रामजनम खरवार का मकान बन रहा है। रामजनम खरवार वर्तमान में प्रतापगढ़ जिले के ब्लॉक में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है। उनके पुत्र अमित व कन्हैया निर्माणाधीन मकान में ही रहते हैं।
दोनों की सिद्धार्थ से अच्छी खासी दोस्ती हो गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर अमित और उसके छोटे भाई कन्हैया को शुक्रवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि 15 सितंबर की दोपहर निर्माणाधीन मकान में अमित और कन्हैया के साथ सिद्धार्थ शराब पी रहा था।
इसी बीच अमित ने सिद्धार्थ को सिगरेट लाने को बोल दिया। सिद्धार्थ के नहीं जाने पर अमित से उसकी कहासुनी हो गई। इसी बीच अमित ने सलाद काटने को रखी चाकू से गले में वार कर सिद्धार्थ को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद अमित व कन्हैया ने मिलकर शव को मकान में बने गड्ढे में गाड़ दिया।
उन्होंने बाजार से 10 किलो नमक भी डाल कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। इसके बाद मामले को दूसरा रूप देने को दोनों ने सिंघीताली जाकर सिद्धार्थ के परिजनों को फोन कर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी। फिर मोबाइल को वहीं फेंक कर दोनों लौट आए। उन्होंने सोचा कि परिजन व पुलिस अपहरण में उलझ जाएगी। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। उधर सिद्धार्थ के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
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