चीन ने बनाया कृत्रिम सूरज, असली सूर्य से 10 गुना ज्यादा ताकतवर होने का दावा

First Published 2, Dec 2019, 4:53 PM IST

बीजिंग. चीन तकनीकी और नई खोजों के मामले में बड़े अमेरिका, रूस, जापान जैसे विकसित देशों को पीछे छोड़ रहा है। इसी दिशा में पड़ोसी देश ने एक और कदम बढ़ाया है। दरअसल, चीन ने कृत्रिम सूरज बनाया है। चीनी वैज्ञानिक 2020 तक इसे पूरा कर लेंगे। इस कृतिम सूर्य से सूरज की तरह ही शुद्ध ऊर्जा देगा। इसे न्यूक्लियर फ्यूजन द्वारा नियंत्रित किया जा सकेगा। 

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, कृत्रिम सूरज HL-2M 2020 तक काम करना शुरू कर देगा। जून से इसका इंस्टॉलेशन का काम शुरू हो जाएगा।

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, कृत्रिम सूरज HL-2M 2020 तक काम करना शुरू कर देगा। जून से इसका इंस्टॉलेशन का काम शुरू हो जाएगा।

चीन की माने तो कृत्रिम सूरज न्यूक्लियर फ्यूजन की मदद से 10 गुना ज्यादा स्वच्छ ऊर्जा पैदा करेगा। दावे के मुताबिक, यह कृतिम सूर्य 10 सूर्यों के बराबर ऊर्जा देगा।

चीन की माने तो कृत्रिम सूरज न्यूक्लियर फ्यूजन की मदद से 10 गुना ज्यादा स्वच्छ ऊर्जा पैदा करेगा। दावे के मुताबिक, यह कृतिम सूर्य 10 सूर्यों के बराबर ऊर्जा देगा।

चीन के इस कृत्रिम सूरज को नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन, साउथ वेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के साथ मिलकर बना रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके शुरू होने के बाद रिएक्टर सूरज की तुलना में 13 गुना अधिक तापमान तक पहुंचने में सक्षम होगा।

चीन के इस कृत्रिम सूरज को नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन, साउथ वेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के साथ मिलकर बना रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके शुरू होने के बाद रिएक्टर सूरज की तुलना में 13 गुना अधिक तापमान तक पहुंचने में सक्षम होगा।

कृत्रिम सूरज लगभग 200 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा। सूर्य का तापमान 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस है। परमाणु फ्यूजन संचित परमाणु ऊर्जा को फ्यूज करने के लिए बाध्य करते हैं और इस प्रक्रिया में एक टन गर्मी उत्पन्न होती है।

कृत्रिम सूरज लगभग 200 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा। सूर्य का तापमान 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस है। परमाणु फ्यूजन संचित परमाणु ऊर्जा को फ्यूज करने के लिए बाध्य करते हैं और इस प्रक्रिया में एक टन गर्मी उत्पन्न होती है।

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