Asianet News Hindi

तो अमेरिका में फिर होगा 9/11 जैसा आतंकी हमला...लादेन की भतीजी ने दी चेतावनी

First Published Sep 6, 2020, 2:26 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

वॉशिंगटन. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले आतंकी ओसामा बिन लादेन की भतीजी नूर बिन लादिन ने बड़ा बयान दिया। नूर ने दावा किया है कि केवल डोनाल्ड ट्रम्प ही अमेरिका को अगले 9/11 जैसे हमले से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर जो बिडेन अमेरिका के राष्ट्रपति बने तो 9/11 जैसा एक और हमला हो सकता है। नूर ओसामा बिना लादेन के बड़े भाई यसलाम बिन लादिन की बेटी हैं।

लादेन के भाई यसलाम ने स्विस लेखक कारमेन ड्यूफोर से शादी की थी। लेकिन दोनों का तलाक 1988 में हो गया। तभी से नूर बिन लादिन अपनी बहनों और मां के साथ स्विट्जरलैंड में रहती हैं। यह परिवार ओसामा बिन लादेन से काफी दूर रहता है, तभी दूरी दिखाने के लिए लादिन लिखता है। 

लादेन के भाई यसलाम ने स्विस लेखक कारमेन ड्यूफोर से शादी की थी। लेकिन दोनों का तलाक 1988 में हो गया। तभी से नूर बिन लादिन अपनी बहनों और मां के साथ स्विट्जरलैंड में रहती हैं। यह परिवार ओसामा बिन लादेन से काफी दूर रहता है, तभी दूरी दिखाने के लिए लादिन लिखता है। 

नूर बिन लादिन ने हाल ही में न्यूयॉर्क पोस्ट को इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा, आईएसआईएस ने ओबामा और बिडेन के कार्यकाल के दौरान प्रसार किया। वे यूरोप तक आ रहे। लेकिन ट्रम्प ने अपने शासन में दिखाया है कि वे अमेरिका को खतरों से बचा सकते हैं। वे हमला करने से पहले ही आतंकवादियों को खत्म सकते हैं।

नूर बिन लादिन ने हाल ही में न्यूयॉर्क पोस्ट को इंटरव्यू दिया। उन्होंने कहा, आईएसआईएस ने ओबामा और बिडेन के कार्यकाल के दौरान प्रसार किया। वे यूरोप तक आ रहे। लेकिन ट्रम्प ने अपने शासन में दिखाया है कि वे अमेरिका को खतरों से बचा सकते हैं। वे हमला करने से पहले ही आतंकवादियों को खत्म सकते हैं।

नूर बिन लादिन खुद को ट्रम्प की समर्थक बताती हैं। वे कहती हैं कि वे भले ही स्विट्जरलैंड में रहती हैं, लेकिन वे खुद को अमेरिकी मानती हैं। वे बताती हैं कि उन्होंने 12 साल की उम्र में ही अपने कमरे में अमेरिका का झंडा लगा लिया था। उनका सपना है कि वे पूरे अमेरिका की ट्रिप करें।
 

नूर बिन लादिन खुद को ट्रम्प की समर्थक बताती हैं। वे कहती हैं कि वे भले ही स्विट्जरलैंड में रहती हैं, लेकिन वे खुद को अमेरिकी मानती हैं। वे बताती हैं कि उन्होंने 12 साल की उम्र में ही अपने कमरे में अमेरिका का झंडा लगा लिया था। उनका सपना है कि वे पूरे अमेरिका की ट्रिप करें।
 

इतना ही नहीं उन्होंने कहा, वे 2015 से ट्रम्प की समर्थक हैं। मैंने उन्हें दूर से ही देखा है। लेकिन मैं उनकी हमेशा तारीफ करती हूं।
 

इतना ही नहीं उन्होंने कहा, वे 2015 से ट्रम्प की समर्थक हैं। मैंने उन्हें दूर से ही देखा है। लेकिन मैं उनकी हमेशा तारीफ करती हूं।
 

नूर बिन लादिन ने कहा, ट्रम्प को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फिर से जीतना चाहिए। यह ना सिर्फ अमेरिका, बल्कि पश्चिमी सभ्यता के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, आप पिछले 19 सालों में यूरोप में हुए सभी आतंकी हमलों को देखिए। इन घटनाओं ने हमें पूरी तरह से हिला दिया है। कट्टरपंथ इस्लाम ने हमारे समाज में गहरी पैठ बना ली है। 

नूर बिन लादिन ने कहा, ट्रम्प को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में फिर से जीतना चाहिए। यह ना सिर्फ अमेरिका, बल्कि पश्चिमी सभ्यता के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, आप पिछले 19 सालों में यूरोप में हुए सभी आतंकी हमलों को देखिए। इन घटनाओं ने हमें पूरी तरह से हिला दिया है। कट्टरपंथ इस्लाम ने हमारे समाज में गहरी पैठ बना ली है। 

उन्होंने कहा, अमेरिका में हालात बहुत चिंताजनक हैं, यहां वामपंथियों ने उस विचारधारा को फैलाने वाले लोगों के साथ गठबंधन कर लिया है। नूर बिन ने डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्हान उमर पर भी निशाना साधा। नूर ने कहा, इल्हा उमर अमेरिका से नफरत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इल्हान ने मिनिसुएटा में पकड़े गए आईएसआईएस के आतंकियों के साथ नरमी की अपील की थी। 
 

उन्होंने कहा, अमेरिका में हालात बहुत चिंताजनक हैं, यहां वामपंथियों ने उस विचारधारा को फैलाने वाले लोगों के साथ गठबंधन कर लिया है। नूर बिन ने डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता इल्हान उमर पर भी निशाना साधा। नूर ने कहा, इल्हा उमर अमेरिका से नफरत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इल्हान ने मिनिसुएटा में पकड़े गए आईएसआईएस के आतंकियों के साथ नरमी की अपील की थी। 
 

अमेरिका में 11 सितंबर को अलकायदा ने अमेरिका में 4 हमले किए थे। इन हमलों मे करीब 3000 लोग मारे गए थे। वहीं, 25 हजार लोग जख्मी हुए थे। इन हमलों की जिम्मेदारी ओसामा बिन लादेन ने ली थी। 

अमेरिका में 11 सितंबर को अलकायदा ने अमेरिका में 4 हमले किए थे। इन हमलों मे करीब 3000 लोग मारे गए थे। वहीं, 25 हजार लोग जख्मी हुए थे। इन हमलों की जिम्मेदारी ओसामा बिन लादेन ने ली थी। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios