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वाह क्या PHOTOS हैं, भारत की मदद से मालदीव का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 'ग्रेटर माले कनेक्टिविटी' जल्द होगा शुरू
माले. ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं ये मालदीव का एक ड्रीम प्रोजेक्ट(dream project) है। भारत की आर्थिक मदद(Indian Grant) और इंजीनियरों के टैलेंट से इसे साकार करने का काम शुरू हो रहा है। यह मालदीव का अब तब का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट(largest-ever infrastructure project) है। इस ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) के निर्माण की जिम्मेदारी मुंबई बेस्ड कंपनी AFCONS निभा रही है। इसके निर्माण के लिए आज AFCONS और मालदीव सरकार के बीच एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारत ने अगस्त, 2020 में घोषणा की थी वह ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मालदीव को करीब 2,900 करोड़ रुपये और अनुदान(Grant) के रूप में करीब 730 करोड़ रुपये देगा।
ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) के तहत माले को गुलीफालु बंदरगाह और थिलाफुशी औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने वाला 6.7 किमी लंबा ब्रिज बनाया जा रहा है।
ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) के लिए भारत और मालदीव के बीच 2020 में कांट्रेक्ट(contract) साइन किए गए थे। अब इस प्रोजेक्ट की नींव रखी जा रही है।
बता दें कि मालदीव का आय का मुख्य जरिया पर्यटन है। जो इस समय मंदा पड़ा हुआ है। भारत लगातार मालदीव की मानवीय आधार पर मदद करता रहा है।
ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर, मालदीव के वित्त मंत्री इब्राहिम अमीर और एक्जिम बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मित वेद ने साइन किए थे।
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