1 Cusec Water in Litres: बिहार के गंडक बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जानिए 1 क्यूसेक में कितने लीटर पानी होता है और 1 सेकेंड में 79 लाख लीटर पानी बहने का मतलब क्या है।
1 Cusec Water Meaning: नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसका असर अब बिहार में भी नजर आ रहा है। बगहा स्थित गंडक (वाल्मीकिनगर) बैराज के सभी 36 फाटकों को खोलना पड़ा है। यहां से अलग-अलग चरणों में 1.5 लाख क्यूसेक तक पानी डिस्चार्ज किया गया। जब यह पानी छोड़ा जा रहा था, तब एक वक्त ऐसा भी था जब बैराज से हर एक सेकेंड में करीब 79 लाख लीटर पानी आगे बढ़ रहा था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये 'क्यूसेक' क्या होता है? 1 क्यूसेक में कितना पानी होता है और जब लाखों क्यूसेक पानी बहता है, तो उसकी ताकत कितनी होती है? आइए बिल्कुल सिंपल तरह से समझते हैं...
क्यूसेक क्या होता है?
क्यूसेक (Cusec) का फुल फॉर्म क्यूबिक फीट पर सेकेंड (Cubic Feet Per Second) यानी 'घन फुट प्रति सेकेंड' होता है। यह पानी के बहने की रफ्तार (Flow Rate) को नापता है। यानी एक सेकेंड में कितने घन फुट पानी बह रहा है। मान लीजिए आपके पास एक ऐसा डिब्बा है, जो 1 फुट लंबा, 1 फुट चौड़ा और 1 फुट गहरा है। इस डिब्बे में जितना पानी समाएगा, वह 1 क्यूबिक फीट कहलाएगा।
1 क्यूसेक में कितने लीटर पानी?
1 घन फुट पानी करीब 28.317 लीटर (28.32 लीटर) के बराबर होता है। 1 क्यूसेक पानी बहने का मतलब है कि 1 सेकेंड में 28.32 लीटर पानी। यानी अगर किसी जगह से सिर्फ 1 क्यूसेक पानी बह रहा है, तो हर सेकेंड वहां से करीब 28 लीटर पानी निकल रहा है।
1 लाख क्यूसेक में कितना पानी होता है?
अगर किसी नदी या बैराज में पानी का बहाव 1 लाख क्यूसेक है, तो (1,00,000 × 28.32) 28,32,000 लीटर होता है। यानी 1 लाख क्यूसेक का मतलब करीब 28.32 लाख लीटर पानी प्रति सेकेंड है। मतलब हर सेकेंड करीब 28 लाख लीटर से ज्यादा पानी बह रहा है।
गंडक बैराज से कितना पानी छोड़ा गया?
नेपाल के रसुवा जिले में बाढ़ के बाद बिहार में गंडक नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बगहा स्थित गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए हैं। अलग-अलग समय पर पानी के बहाव के आंकड़े भी सामने आए हैं। रात 12 बजे करीब 1.52 लाख क्यूसेक पानी का बहाव बताया गया। इसके बाद सुबह 6 बजे 88 हजार, 7 बजे 92,900, 10 बजे 1,04,400 और दोपहर 12 बजे 1,06,600 क्यूसेक का आंकड़ा बताया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि नदी और बैराज का डिस्चार्ज एक जैसा नहीं रहता। पानी का बहाव समय के साथ बढ़ या घट सकता है।
हर सेकेंड 79 लाख लीटर पानी निकलने का गणित क्या है?
जब गंडक बैराज पर पानी का भारी दबाव बना, तो दिनभर में कई बार गेट्स से पानी छोड़ा गया। जब बैराज से डिस्चार्ज लगभग 2.8 लाख क्यूसेक के पीक फ्लो के स्तर पर पहुंचता है, तो उसका हिसाब इस तरह दिखता है..
1 सेकेंड में बहाव: 2,80,000 x 28.32 = 79,29,600 (यानी हर सेकेंड करीब 79.3 लाख लीटर पानी)
1 मिनट में बहाव: करीब 47.5 करोड़ लीटर पानी।
1 घंटे में बहाव: करीब 2,850 करोड़ लीटर पानी।
इसकी ताकत कितनी होती है?
जब हर सेकेंड 79 लाख लीटर पानी 36 फाटकों से एक साथ गिरता है, तो उसका वेग इतना प्रचंड होता है कि कंक्रीट के बड़े-बड़े बोल्डर भी खिलौने की तरह बह जाते हैं। यही वजह रही कि नेपाल से आए इस सैलाब में बहकर आए भारी मलबे, पेड़ और घरेलू सामान गंडक बैराज के फाटकों के पास साफ तैरते दिखाई दिए।
यह पानी कितना बड़ा होता है?
- आम घरों में छत पर 1,000 लीटर की सिंटेक्स टंकी होती है। हर सेकेंड 79 लाख लीटर पानी बहने का मतलब है कि 1 सेकेंड में 7,930 टंकियां एक साथ पूरी तरह खाली हो रही हैं।
- 25 लाख लीटर का एक ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल इस रफ्तार में सिर्फ 0.3 सेकेंड (पलक झपकते ही) पूरी तरह भर जाएगा।
बिहार के 8 जिलों पर क्यों है प्रशासन की नजर?
नेपाल की त्रिशूली और नारायणी नदी का यही पानी जब वाल्मीकिनगर से बिहार में दाखिल होता है, तो इसे गंडक नदी कहते हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने चेतावनी दी थी कि पहाड़ों से आए इस वेग के कारण नदी में करीब 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसी खतरे को देखते हुए बिहार के 8 जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में हाई अलर्ट जारी किया गया। प्रशासन ने नहरों को पहले ही खाली कराया ताकि पानी को डायवर्ट किया जा सके, निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित शेल्टर में पहुंचाया और NDRF की टीमें तैनात कीं।


