Mahatma Gandhi: भारतीय नोटों पर छपी गांधी जी की फोटो किसने और कब खींची थी?
भारतीय करेंसी नोटों को देखते ही सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मुस्कुराता हुआ चेहरा याद आता है। 10 रुपये से लेकर 500 और 2000 रुपये तक के नोटों पर बापू की तस्वीर छपी होती है।

यह फोटो कब और कहां खींची गई थी?
हमारे देश के नोटों पर दिखने वाली गांधी जी की फोटो कोई कल्पना या पेंटिंग नहीं है। यह एक असली तस्वीर है। एक अज्ञात फोटोग्राफर ने 1946 में दिल्ली के वायसराय हाउस (आज का राष्ट्रपति भवन) में इस फोटो को खींचा था। उस समय गांधी जी ब्रिटिश नेता लॉर्ड पेथिक-लॉरेंस से मिलने गए थे। इस तस्वीर में गांधी जी की मुस्कान और शांत भाव ने सबका ध्यान खींचा। बाद में इसी फोटो से सिर्फ उनके चेहरे को क्रॉप करके (मिरर इमेज बनाकर) नोटों की डिजाइन के लिए इस्तेमाल किया गया।

आजादी के शुरुआती दिनों में कैसी थी करेंसी?
भारत को 1947 में आजादी मिलने के बाद कुछ दिनों तक ब्रिटिश काल के किंग जॉर्ज VI की फोटो वाले नोट ही चलते रहे। इसके बाद भारत सरकार ने 1949 में पहला 1 रुपये का नोट जारी किया, जिसमें अशोक स्तंभ (लायन कैपिटल) को वॉटरमार्क के रूप में छापा गया। 1950 से 1980 के दशक तक भारतीय नोटों पर देश के सांस्कृतिक और तकनीकी विकास को दिखाया जाता था। उदाहरण के लिए, नोटों पर आर्यभट्ट सैटेलाइट, कोणार्क सूर्य मंदिर का पहिया, ट्रैक्टर से खेत जोतते किसान और कई जानवरों की तस्वीरें छापी जाती थीं।
करेंसी पर कैसे आई गांधी जी की फोटो?
पहली बार 1969 में महात्मा गांधी की 100वीं जयंती पर उनकी याद में सेवाग्राम आश्रम के बैकग्राउंड वाली गांधी जी की फोटो छापी गई थी। इसके बाद अक्टूबर 1987 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नए 500 रुपये के नोट पर गांधी जी की तस्वीर छापी।
1996 से मिला स्थायी रूप
1990 के दशक में डिजिटल प्रिंटिंग और स्कैनिंग तकनीक आने से जाली नोट बनाना आसान हो गया था। RBI ने महसूस किया कि निर्जीव चीजों की तुलना में इंसानी चेहरे के भावों (खासकर गांधी जी के मुस्कुराते चेहरे की बारीक रेखाओं) की नकल करना बहुत मुश्किल है। इसके अलावा, वह पूरे देश में सर्वमान्य और महान नेता थे। इसलिए 1996 में RBI ने आधिकारिक तौर पर 'महात्मा गांधी सीरीज' के नोट पेश किए। तब से लेकर आज तक नोटों पर राष्ट्रपिता गांधी जी की तस्वीर लगातार छप रही है।