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Space Whisky: अंतरिक्ष में क्यों नहीं टिकेगी गिलास में विस्की? जानिए जीरो ग्रेविटी का पूरा खेल
अंतरिक्ष में जीरो ग्रेविटी के दौरान विस्की का स्वाद, खुशबू और व्यवहार कैसा होता है? क्या वहां विस्की पीना धरती जैसा अनुभव देता है? जानिए वैज्ञानिकों के उन प्रयोगों के बारे में, जिनसे अंतरिक्ष में विस्की से जुड़े दिलचस्प सवालों के जवाब मिलते हैं।

अंतरिक्ष में व्हिस्की का सफर...
धरती पर ग्लास में विस्की डालकर पीना आम बात है। लेकिन अगर इसी विस्की को अंतरिक्ष में ले जाएं तो क्या होगा? क्या वहां इसका स्वाद बदल जाएगा? जीरो ग्रेविटी में विस्की पर क्या असर होता है? क्या वैज्ञानिकों ने इसे लेकर कोई प्रयोग किया है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए हमें विस्की के इस स्पेस मिशन को समझना होगा।

अगर आप अंतरिक्ष में व्हिस्की ले जाएं तो क्या होगा?
बेहतरीन स्वाद के लिए विस्की को सालों तक लकड़ी के बैरल में रखा जाता है। धरती पर होने वाली इस लंबी प्रक्रिया को 'एजिंग' कहते हैं। अब वैज्ञानिक एक नया आइडिया लेकर आए हैं। वे देखना चाहते हैं कि अंतरिक्ष की जीरो ग्रेविटी में विस्की रखने पर क्या होता है। स्कॉटलैंड और जापान के इंजीनियर मिलकर 'स्पेस पफिन' (Space Puffin) नाम का एक छोटा क्यूबसैट सैटेलाइट बना रहे हैं। इसमें विस्की के सैंपल और ओक की लकड़ी के टुकड़े रखकर अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।
वहां व्हिस्की का क्या करते हैं?
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) इस सैटेलाइट को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचाएगी। वहां जापानी रिसर्च सेंटर की मदद से इसे धरती की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। यह सैटेलाइट हर 90 मिनट में धरती का एक चक्कर लगाएगा। इस दौरान विस्की को भयंकर गर्मी और जमा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ेगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि तापमान में होने वाले इस भारी बदलाव से विस्की के अंदर केमिकल रिएक्शन तेज हो जाएंगे। इससे कम समय में ही एक नया और स्ट्रॉन्ग स्वाद तैयार हो सकता है।
क्या अंतरिक्ष में बनेगी शराब?
यह सैटेलाइट पांच साल तक अंतरिक्ष में चक्कर लगाएगा। इसमें लगे खास सेंसर विस्की के रंग, गाढ़ेपन और मॉलिक्यूल्स में होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड करके धरती पर कंट्रोल रूम को भेजेंगे। मिशन पूरा होने के बाद सैटेलाइट वापस नहीं आएगा। वैज्ञानिक सिर्फ इसके डिजिटल डेटा की जांच करेंगे। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो भविष्य में सीधे अंतरिक्ष में विस्की बनाकर धरती पर बेचने का नया बिजनेस शुरू हो सकता है। यह शराब इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा बदलाव होगा।