Saturday religious rules: हिंदू धर्म में शनिवार को लेकर अनेक मान्यताएं प्रचलित हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन लोहे की चीजें भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। इस मान्यता से जुड़ी कईं कथाएं हैं।

Saturday iron buying belief: सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से माना गया है। इसी वजह से कई लोग अलग-अलग दिनों में कुछ खास चीजों को खरीदने से बचते हैं। इसी तरह शनिवार के दिन लोहा नहीं खरीदना चाहिए। सवाल उठता है- शनिवार और लोहे का क्या संबंध है? आखिर इस दिन लोहा खरीदने से क्यों मना किया जाता है? आइए जानते हैं।

शनिवार और लोहे का क्या संबंध है?

हिंदू धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनि देव का माना जाता है। शनि देव न्याय के देवता और कर्मों का फल देने वाले ग्रह हैं। शनि देव का संबंध लोहे से भी जोड़ा जाता है। इसलिए कई लोग शनिवार के दिन लोहे से बनी वस्तुओं की खरीदारी करने से बचते हैं। इस दिन लोहे की नई वस्तु घर लाने से शनि से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

शनि देव और लोहे से जुड़ी चर्चित कथाएं...

1. शनि देव और लोहे का संबंध
लोहा शनि देव की धातु माना जाता है। कहा जाता हैृ शनिवार शनि देव का दिन होता है। इस दिन अगर कोई व्यक्ति नया लोहा खरीदता है, तो वह शनि के प्रभाव को अपने घर ले आता है। मान्यता है - इससे आर्थिक परेशानियां, विवाद या अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। इसके विपरीत, शनिवार को जरूरतमंद को लोहे की वस्तु दान करना शुभ माना जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन लोहा खरीदने के बजाय दान करते हैं।

2. राजा विक्रमादित्य और शनि देव की कथा
राजा विक्रमादित्य ने एक बार ग्रहों में श्रेष्ठता का निर्णय किया। इस फैसले से शनि देव नाराज हो गए। बाद में शनि की दशा आने पर राजा को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कहा जाता है- उस समय लोहे से जुड़े कामों और वस्तुओं ने उनके कष्टों को और बढ़ा दिया। इसी वजह से लोगों ने शनिवार और लोहे को जोड़कर सावधानी बरतने की परंपरा शुरू कर दी।

3. लोहारों की परंपरा से जुड़ी मान्यता
मान्यता है- पुराने समय में शनिवार को कई लोहार अपनी भट्ठी बंद रखते थे और उस दिन औजारों की पूजा करते थे। ऐसे में नए लोहे की खरीद-बिक्री कम होती थी। धीरे-धीरे यह धार्मिक परंपरा का रूप ले बैठा और लोगों ने मान लिया कि शनिवार को लोहा खरीदना ठीक नहीं है।

4. हनुमान जी और शनि देव की कथा
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार - जब रावण ने शनि देव को कैद कर लिया था, तब हनुमान जी ने उन्हें छुड़ाया था। इसके बाद शनि देव ने वचन दिया कि जो व्यक्ति शनिवार को हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर शनि का प्रकोप कम होगा। इसी वजह से शनिवार को लोग सरसों का तेल, काला तिल और लोहे का दान करते हैं। इसलिए इस दिन लोहा खरीदने के बजाय दान करना ज्यादा शुभ माना जाने लगा।

क्या शनिवार को हर लोहे की चीज खरीदना मना है?

यह पूरी तरह मान्यता पर आधारित है। सभी लोग इसका पालन नहीं करते। कुछ लोग शनिवार को लोहे से जुड़ी जरूरी वस्तुएं खरीद लेते हैं और इसे अशुभ नहीं मानते। वहीं, जो लोग शनि देव की महिमा को मानते हैं, वे इस दिन लोहे की खरीदारी से बचते हैं।

अगर मजबूरी में लोहा खरीदना पड़े तो?

धार्मिक मान्यता के अनुसार- अगर किसी जरूरी काम के लिए शनिवार को लोहा खरीदना पड़े तो शनि देव को मन में याद करके, पूजा या प्रार्थना करके इसे किया जा सकता है।