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PIN Code क्यों होता है? भारत में PIN Code कब और क्यों शुरू हुआ? जानें 6 अंकों के इस नंबर का पूरा राज
PIN Code सिर्फ 6 अंकों का नंबर नहीं, बल्कि डाक, पार्सल और ऑनलाइन डिलीवरी को सही पते तक पहुंचाने की पहचान है। जानें इसकी शुरुआत, मतलब और महत्व।

PIN Code History: जब भी हम कोई लेटर, पार्सल, ऑनलाइन शॉपिंग का ऑर्डर या किसी प्रकार का फॉर्म भरते हैं, तो हमें अपने एड्रेस के साथ PIN Code लिखना पड़ता है। यह सिर्फ 6 अंकों का एक नंबर नहीं, बल्कि डाक को सही जगह तक पहुंचाने वाला एक जरूरी पहचान नंबर है। PIN का पूरा नाम Postal Index Number है।

PIN Code की जरूरत क्यों पड़ी?
भारत बहुत बड़ा देश है। यहां हजारों शहर, कस्बे और लाखों गांव हैं। कई जगहों के नाम एक जैसे भी हैं। उदाहरण के लिए, अलग-अलग राज्यों में एक ही नाम के गांव या कस्बे मिल सकते हैं। पहले जब सिर्फ नाम और पता लिखा जाता था, तब कई बार लेटर्स गलत एड्रेस पर पहुंच जाती थीं या देर से मिलती थीं।
PIN Code के मास्टर माइंड कौन थे?
इसी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए 15 अगस्त 1972 को भारत में PIN Code सिस्टम की शुरुआत हुई। इसे उस समय के अतिरिक्त सचिव Shriram Bhikaji Velankar ने बनाया था। इसका उद्देश्य डाक की छंटाई (Sorting) को सिंपल और सटीक बनाना था।
PIN Code के 6 नंबर्स का क्या मतलब होता है?
PIN Code के हर नंबर्स का अपना महत्व होता है।
पहला नंबर – भारत के डाक क्षेत्र (Postal Zone) को बताता है। देश को 9 डाक जोन में बांटा गया है।
दूसरा नंबर – उस क्षेत्र के उप-क्षेत्र (Sub Zone) की इन्फॉर्मेशन देता है।
तीसरा तीसरा – संबंधित सॉर्टिंग जिले (Sorting District) की पहचान करता है।
और आखिरी 3 नंबर – उस इलाके के Post Office को बताते हैं।
यही कारण है सिर्फ 6 नंबर से डाक विभाग को पूरी तरह से समझा जाता है कि लेटर्स या पार्सल किस पोस्ट ऑफिस तक भेजना है।
ऑनलाइन शॉपिंग में भी क्यों जरूरी है PIN Code?
मौजूदा टाइम में PIN Code सिर्फ पोस्ट तक सीमित नहीं है। ई-कॉमर्स कंपनियां, बैंक, कुरियर कंपनियां और सरकारी सेवाएं भी इसका यूज करती हैं। जब हम किसी वेबसाइट पर अपना एड्रेस फिल करते हैं, तब PIN Code के आधार पर यह फिक्स होता है कि उस एरिया में डिलीवरी की सुविधा है या नहीं। कई बार डिलीवरी चार्ज, सामान डिलीवरी का टाइम और उपलब्ध सर्विस भी PIN Code के आधार पर तय होती हैं।
क्या PIN Code और ZIP Code एक है?
दोनों का काम लगभग एक जैसा है, लेकिन नाम अलग हैं। भारत में PIN Code (Postal Index Number) यूज होता है। US में ZIP Code (Zone Improvement Plan Code) का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों का मकसद पोस्ट को सही और फास्ट डिलीवर करना है।
अगर PIN Code गलत लिख दें तो क्या होगा?
गलत PIN Code लिखने पर लेटर्स या पार्सल गलत पोस्ट ऑफिस पर डिलीवर हो जाता है। इससे डिलीवरी में समस्या हो सकती है या कुछ मामलों में सामान रिटर्न हो जाता है। इसलिए पता लिखते समय सही PIN Code लिखना जरूरी होता है।
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क्या एक शहर में कई PIN Code हो सकते हैं?
हां। बड़े शहरों जैसे Delhi, Mumbai, Kolkata, Bengaluru, Bhopal, Lucknow में अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग PIN Code होते हैं। इससे डाक को सही पोस्ट ऑफिस तक पहुंचाना आसान हो जाता है।
कॉन्टेन्ट सोर्सः India Post, Ministry of Communications, National Portal of India, Universal Postal Union, Encyclopaedia Britannica.