Benefits of Drinking Water: क्या बैठकर पानी पानी ज्यादा फायदेमंद है? जानिए बैठकर और खड़े होकर पानी पीने के फायदे, मिथक, सही तरीका और रोज कितना पानी पीना चाहिए।

 Water Drinking Habits: पानी हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है। यह बॉडी का टेंप्रेचर कंट्रोल रखने, डाइजेशन में हेल्प करने, पोषक तत्व पहुंचाने और बॉडी से गंदगी बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन कई लोग यह कहते हुए सुने जाते हैं कि क्या पानी हमेशा बैठकर पीना चाहिए?bआयुर्वेद में बैठकर पानी पीने की सलाह दी गई है, जबकि साइंस का कहना है सबसे जरूरी बात पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है। हालांकि आराम से बैठकर और धीरे-धीरे पानी पीने के कुछ फायदे जरूर हैं।

बैठकर पानी पीने की सलाह क्यों दी जाती है?

1. धीरे-धीरे पानी पीने का मौका मिलता है

जब हम बैठकर पानी पीते हैं, तो आमतौर पर जल्दबाजी नहीं करते। इससे पानी छोटे-छोटे घूंट में बॉडी के अंदर जाता है। इससे पेट पर अचानक प्रेशर नहीं पड़ता और आराम महसूस होता है। जैसे - अगर आप दौड़ने के तुरंत बाद खड़े-खड़े पूरी बोतल एक साथ पी लेते हैं, तो पेट भारी लगेगा। वहीं बैठकर धीरे-धीरे पानी पीने से बॉडी को इसे एक्सेप्ट करने का टाइम मिलता है।

2. डाइजेशन सिस्टम को आराम मिलता है

बैठकर आराम से पानी पीने पर बॉडी रिलैक्स रहता है। इससे पानी धीरे-धीरे भोजन नली से पेट तक पहुंचता है। हालांकि कहीं पर इसका कोई सबूत नहीं है कि खड़े होकर पानी पीने से पानी सीधे पेट में गलत तरीके से चला जाता है।

3. जरूरत से ज्यादा पानी एक साथ पीने से बचते हैं

बैठकर पानी पीने पर लोग अक्सर अपनी प्यास के अनुसार पानी पीते हैं। इससे एक ही बार में बहुत ज्यादा पानी पीने का चांस कम हो जाती है।

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4. शरीर को पानी का सही संकेत मिलता है

धीरे-धीरे पानी पीने से दिमाग को यह समझने का समय मिलता है कि बॉडी की प्यास कितनी बुझ चुकी है। इससे जरूरत से ज्यादा पानी पीने का चांस कम रहता है।

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क्या खड़े होकर पानी पीना नुकसानदायक है?

सोशल मीडिया पर अक्सर कहा जाता है कि खड़े होकर पानी पीने से घुटनों, किडनी या दिल को नुकसान होता है। लेकिन इसका को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। अगर कोई इंसान कभी-कभी खड़े होकर पानी पी लेता है, तो इससे सीधे कोई बीमारी होने का सबूत नहीं है।

पानी पीते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • तेजी से पानी न पिएं।
  • छोटे-छोटे घूंट लें।
  • प्यास लगने का वेट हमेशा न करें।
  • दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
  • बहुत ज्यादा मीठे पेय की जगह सादा पानी चुनें।
  • एक इंसान को कितना पानी पीना चाहिए?

हर इंसान की जरूरत अलग होती है। यह उम्र, मौसम, वजन और शारीरिक गतिविधि पर डिपेंड करता है। फिट लोगों को 2 से 3 लीटर के आसपास कुल लिक्विड प्रोडक्ट (जिसमें भोजन से मिलने वाला पानी भी शामिल है) पर्याप्त है। गर्मी, व्यायाम या बीमारी में इसकी जरूरत बढ़ सकती है।

पानी को लेकर कुछ रोचक आंकड़े

  •  इंसानी शरीर का लगभग 50–60% हिस्सा पानी होता है।
  • प्यास लगना शरीर का देर से मिलने वाला संकेत है। जब आपको प्यास महसूस होती है, तब तक शरीर में पानी की कमी शुरू हो चुकी होती है।
  • किडनी रोज लगभग 180 लीटर लिक्विड को फिल्टर करती है।
  • केवल पानी ही नहीं, भोजन से भी मिलता है पानी। फल, सब्जियां, दूध और कई खाद्य पदार्थ भी शरीर को पानी मिलता है।
  • पर्याप्त पानी पीने से कब्ज का खतरा कम होता है। अगर शरीर में पानी की कमी हो, तो मल सख्त हो सकता है। पर्याप्त तरल लेने से पाचन बेहतर रहता है।

Content Sources: World Health Organization, Mayo Clinic, Cleveland Clinic, National Academies of Sciences, Engineering, and Medicine, European Food Safety Authority