टैंकर के ड्राइवर की लापरवाही से एक फैमिली में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार को हुए एक्सीडेंट में पति की आंखों के सामने पत्नी और इकलौते बेटे तड़पते रहे। बाद में उनकी मौत हो गई। परिवार एक शादी में शामिल होने जा रहा था।

जींद(हरियाणा).  एक टैंकर ड्राइवर की जल्दबाजी एक परिवार को जिंदगीभर का गम देकर चली गई। यहां हुए एक दर्दनाक हादसे में पति की आंखों के सामने उसकी पत्नी और ढाई साल का इकलौते बेटा तड़पता रहा। बाद में उनकी मौत हो गई। हादसे में पति मंदीप और उसकी छह साल की बेटी सुरक्षित बच गए। हादसा रविवार को किनाना गांव के पास हुआ। घटना के बाद टैंकर का ड्राइवर भाग निकला। पुलिस अब उसे ढूंढ रही है। घटना देखकर पति अपना होशो-हवास खो बैठा। वो लोगों ने चीख-चीखकर मदद की गुहार लगाता रहा। बाद में किसी ने एम्बुलेंस को सूचना दी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ननद की गोद भराई में जा रही थी मृतका
26 साल की रीना आबकारी विभाग के जींद कार्यालय में स्टेनो थी। हादसे में ढाई साल के बेटे देवांश की भी मौत हो गई। रीना परिवार के संग जींद भारत कॉलोनी में रहती थी। बाकी फैमिली लिजवाना गांव में रहती है। रविवार को रीना की ननद की गोद भराई का कार्यक्रम था। इसी सिलसिले में वो परिवार के साथ गांव जा रही थी। इसी दौरान अनूपगढ़ गांव के पास मुर्गों से भरे टैंकर ने उनकी बाइक को कट मार दिया। इससे रीना और देवांश बाइक से गिरकर दूर तक घिसटते चले गए। राहगीरों ने एम्बुलेंस के जरिये दोनों को जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए रोहतक पीजीआइ रेफर किया गया था। हालांकि इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

खुशियों के बीच पसरा मातम..
हादसे की जानकारी जैसे ही गांव पहुंची, खुशियों के घर में मातम पसर गया। गोद भराई का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। जब मां-बेटे का शव गांव पहुंचा, तो अनजान लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।