हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को हुए निकिता हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में नये-नये खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों आरोप है कि पुलिस शव सौंपने में आनाकानी कर रही थी। दरअसल, पुलिस को आशंका थी कि लोग शव रखकर चक्काजाम न कर दें। 

फरीदाबाद, हरियाणा. जिले के बल्लभगढ़ में एग्जाम देकर घर लौट रही निकिता तोमर की हत्या (Faridabad Nikita Murder) में कई खुलासे हो रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शव सौंपने में पुलिस ने उन्हें परेशान किया। वे रोते रहे-गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन अफसर नहीं माने। दरअसल, अफसरों को आशंका थी कि कहीं लोग शव रखकर चक्काजाम न कर दें। बता दें कि निकिता की हत्या आरोपी तौसीफ ने सिर में गोली मारकर कर दी थी। वो उस पर धर्म बदलकर शादी करने का दवाब बना रखा था। (क्लिक करके पढ़ें पूरी खबर..)

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शव के साथ-साथ गई पुलिस...
 बता दें कि निकिता की हत्या के 24 घंटे बाद यानी मंगलवार को दोपहर उसका अंतिम संस्कार सेक्टर-55 के श्मशान घाट पर किया गया। निकिता के मामा हाकिम सिंह ने कहा कि दोपहर करीब एक बजे वे भांजी का शव लेने बीके सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां पुलिस अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई करवाई। फिर कहा कि जल्द शव सौंप दिया जाएगा। लेकिन दोपहर तक ऐसा नहीं किया। वे शाम 4 बजे तक पुलिस अफसरों के आगे हाथ जोड़ते रहे, लेकिन अफसर बातों में उलझाते रहे। बाद में पुलिस इस शर्त पर राजी हुई कि शव को सुरक्षाबलों के साथ पहले घर और फिर श्मशानघाट ले जाया जाएगा। (यह भी पढ़ें मामा का आरोप...)

एम्बुलेंस के पीछे-पीछे चलीं पुलिस की तीन-तीन गाड़ियां
करीब 4.30 बजे डीसीपी अर्पित जैन की मौजूदगी में शव को पुलिस की सुरक्षा में घर पहुंचाया गया। वहां से श्मशानघाट। एम्बुलेंस के पीछे-पीछे पुलिस की तीन-तीन गाड़ियां चल रही थीं।

8 प्वाइंट मेंः निकिता मर्डर केस की पूरी कहानी...

- 26 अक्टूबर को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में पेपर देकर लौट रही 21 साल की छात्रा निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब आलम के चचेरे भाई तौसीफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर सोमवार शाम 4 बजे घटना को अंजाम दिया।

- निकिता बी कॉम थर्ड ईयर की स्टूडेंट थी। पेपर देकर लौट रही निकिता को बीच रास्ते तौसीफ ने गाड़ी में खींचने की कोशिश की। इनकार करने पर तौसीफ ने उसे गोली मार दी। घटना के 5 घंटे बाद पुलिस ने तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों दो दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। बता दें, मुख्य आरोपी फिजियोथैरेपी का कोर्स कर रहा है।

- फरीदाबाद पुलिस की 10 टीम ने 5 घंटे में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मोबाइल नंबर बंद नहीं किया था। वह लगातार कुछ लोगों के संपर्क में थे। इसलिइए पुलिस के राडार से वो बच नहीं पाया।

- बता दें, तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ा था। वो निकिता पर दोस्ती और धर्म बदलने के लिए दबाव बनाता था। कहता था, मुस्लिम बन जाओ, हम शादी कर लेंगे। 2018 में वो एक बार निकिता को किडनैप कर चुका है।

- 3 अगस्त 2018 को तौसीफ ने 3-4 सहेलियों के साथ निकिता को जबरदस्ती कार में बैठाया था। कुछ दूरी पर सहेलियों को उतारकर निकिता को किडनैप कर ले गया था। सहेलियों और परिजनो ने पुलिस को निकिता के अपहरण की जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस ने 2 घंटे में उसे बरामद कर लिया था।

- पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया, घटना की जांच के लिए एसीपी क्राइम अनिल कुमार की अगुवाई में एसआईटी गठित कर दी गई है।

- बता दें, तौसीफ का परिवार पॉलिटिकली स्ट्रॉन्ग है। दादा कबीर अहमद पूर्व विधायक जबकि चचेरे भाई आफताब आलम मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक हैं। इतना ही नहीं, आफताब के पिता खुर्शीद अहमद हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। चाचा जावेद अहमद बसपा से जुड़े हैं।

- निकिता के पिता मूलचंद तोमर 25 साल पहले यूपी के हापुड़ जिले से बल्लभगढ़ आए थे। निकिता भाई-बहनों में छोटी थी। बड़ा भाई नवीन सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है, जबकि निकिता सेना में भर्ती होना चाहती थी।

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ मे तौसीफ खान ने प्यार मे फेल होने पर निकिता तौमर को सरेआम कालेज के गेट के सामने गोली मार दी

#justice4Nikitapic.twitter.com/jWNzmB16bw

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