निर्भया केस के चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाने के बाद हरियाणा में पलवल जिले की अतिरिक्त सेशन कोर्ट ने एक युवक को फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी को यह सजा 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुनाई गई।

पलवल (हरियाणा). निर्भया केस के चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाने के बाद हरियाणा में पलवल जिले की अतिरिक्त सेशन कोर्ट ने एक युवक को फांसी की सजा सुनाई। आरोपी को यह सजा 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुनाई गई। वहीं बेटे का साथ देने पर युवक की मां को 7 साल जेल की सजा सुनाई गई है।

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बेटे को फांसी तो मां को 7 साल की सजा
स्पेशल कोर्ट की जज करुणा शर्मा ने 17 जनवरी 2020 शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए दोषी की मां को भी सात साल की सजा सुनाई है। महिला पर आरोप है कि उसने घटना पता चल जाने के बाद बच्ची की हत्या को एक एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की थी। साथ ही इस जुर्म में बेटे का साथ दिया था। बता दें कि दोषी 20 माह से जेल में बंद है, जबकि उसकी मां जमानत पर है। 

यह है पूरा मामला
दरअसल, यह मामला 2 साल पहले 31 मई 2018 को पलवल जिले के गदपुरी थाना क्षेत्र में सामने आया था। जहां एक शादीशुदा 27 साल के नौकर वीरेंद्र उर्फ भोला ने अपने मालिक की बेटी का अपहरण किया था। आरोपी ने सबसे पहले बच्ची का रेप किया, फिर मासूम को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद शव को आटे के डिब्बे में छिपा दिया था। लेकिन पुलिस की खोजबीन के बाद शव दोषी के घर से मिला था। मामले की छानबीन करके के बाद दोनों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।