सर्दी का मौसम आते ही बच्चे हो या बुजुर्ग सर्दी खांसी की चपेट में आ जाते हैं। खांसी ठीक करने के लिए बड़ों के पास तो कई उपाय होते हैं। लेकिन बच्चें कई चीजें नहीं कर पाते हैं या फिर वो करना नहीं चाहते हैं। ऐसे में पैरेंट्स खांसी दूर करने के लिए कफ सिरफ का इस्तेमाल करते हैं। सवाल यह है कि क्या कफ सिरफ बच्चों के लिए सुरक्षित होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल्स से।

हेल्थ डेस्क. कुछ दिन पहले गैम्बिया से एक खबर आई थी कि कप सिरफ देने की वजह से 70 बच्चों की मौत हो गई। हाल ही में मुंबई से एक मामला सामने आया जिसमें यह दावा किया गया कि ढाई साल के बच्चे को कप सिरफ देने से 17 मिनट तक के लिए उसकी नाड़ी रुक गई थी। यानी वो मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया था। तो इन दो घटनाओं के सामने आने के बाद पैरेंट्स के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या खांसी में बच्चों को कफ सिरफ देना सेफ है या नहीं। अमेरिका में चार साल से कम उम्र के बच्चे को कप सिरफ देना मना होता है। डॉक्टर का कहना है कि पांच साल तक के बच्चे में मां से मिली प्रतिरोधक क्षमता खत्म होने लगती है और उसका खुद का डेवलप नहीं हुआ होता है। जिसकी वजह से एक साल में पांच से छह बार उसे रेस्पिरेटरी अटैक होते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

हालांकि ये खुद ब खुद ठीक हो जाते हैं। इसके लिए कफ सिरफ या दवा देने की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन अगर संक्रमण ज्यादा फैल जाता है तो फिर एंटीबॉयोटिक की जरूरत पड़ती है। इतना ही नहीं डॉक्टरों का कहना है कि खांसी बच्चे के लिए अच्छी होती है, क्योंकि शरीर में जमा हुए बलगम को वो निकालने में मदद करती है। वो शरीर से एक तरह से कीटाणु को बाहर निकलाते हैं। तो कप सिरफ देकर इसे दबाने की जरूरत नहीं होती है।

बच्चों की खांसी अपने आप तीन से चार दिन में कम हो जाती है। क्लोरफेनेरमाइनऔर डेक्सट्रोमेथोर्फेन से बने कफ सिरफ बच्चे के सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि जब खांसी तीन से चार दिन तक भी ठीक नहीं होती है तो फिर डॉक्टर से दिखाना जरूरी होता है। अगर कोई एलर्जी हो तो उसे दवा दी जा सके।दो साल से कम उम्र के बच्चे को तो भूलकर भी कप सिरफ या खांसी सर्दी की दवा नहीं देनी चाहिए। इससे उसके जीवन पर खतरा हो सकता है।

बच्चों को सर्दी खांसी होने पर ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। 
-बच्चे को गुनगुना तरल पदार्थ का सेवन कराएं
-शहद और अदरक के रस को मिलकर दें।
-हल्का नींबू का रस गुनगुने पानी में मिलकर बच्चों को दें।
-तुलसी का पत्ता और काली मिर्च को उबालकर बच्चों को पिलाएं।
-सेलाइन नोज़ ड्रॉप या स्प्रे नाक की नली को नम रखने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल करें।
-एक साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बल्ब सिरींज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

और पढ़ें:

जानवर नहीं अब इंसान की स्किन से बन रहे हैं फैशन प्रोडक्ट, 11 लाख का पर्स तो 22 लाख है जूते की कीमत

चेहरे पर भूलकर भी ना लगाएं डायरेक्ट नींबू, हो सकते हैं गंभीर नुकसान