पिछले दो सालों में करोड़ों लोग कोरोना वायरस (Coronavirus) के शिकार हुए हैं। कई लोगों को इसकी वजह से अलग हेल्थ इश्यू भी हुए हैं। जैसे मांसपेशियों में दर्द,सांस लेने में तकलीफ, थकान और स्मेल नहीं आना जैसी समस्या लंबे वक्त तक रही। लेकिन शोध में इसकी वजह से हार्ट से जुड़ी समस्या सामने आ रही है।

हेल्थ डेस्क. लंबे वक्त तक जो कोरोना वायरस (Covid 19) से पीड़ित रहे, उनमें कई शारीरिक समस्या देखने को मिल रही है। लेकिन जो लोग हल्के कोरोना (Mild covid) के शिकार हुए उनमें हार्ट की समस्या देखने को मिल रही है। नए शोध में इसका खुलासा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन्हें हल्का वायरस हुआ है उनमें खतरनाक हार्ट कंडीशन देखने को मिल रहा है।

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माइल्ड कोरोना के शिकार लोगों को भी हो सकती है दिल से जुड़ी बीमारी

अमेरिका में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के महामारी वैज्ञानिक डॉ ज़ियाद अल-एली ने कहा कि कोविड पीड़ितों को दिल की समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। यह न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि इसका बहुत बुरा परिणाम सामने आ रहा है उन लोगों में जो कोरोना से हल्का पीड़ित थे।यही कारण है कि यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है।

अनियमित दिल की धड़कन के कारण होने वाली मौतों में इजाफा

ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स (ONS) द्वारा प्रकाशित शोध से पता चलता है कि अनियमित दिल की धड़कन के कारण होने वाली मौतों में और इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो इंग्लैंड और वेल्स में कार्डियक अरेस्ट के कारण दर्ज मौतों की संख्या 2022 की पहली छमाही के औसत में काफी ऊपर थी। अनियमित दिल की धड़कन के कारण होने वाली मौतों की कुल संख्या मार्च में औसत से 37.1 प्रतिशत और अप्रैल में 23.1 प्रतिशत थी। जनवरी में 13.7 प्रतिशत और फरवरी में 9.2 प्रतिशत से तेज उछाल हुआ है।

इस पर और शोध करने की जरूरत 

मृत्यु दर विश्लेषण के ओएनएस प्रमुख सारा कौल ने कहा कि यह आंकड़ा "मार्च के बाद से होने वाली मौतों की अपेक्षित संख्या से अधिक है, जो माइल्ड कोरोना की वजह से हो सकता है।मार्च, अप्रैल और मई में हमने कार्डियक अरेस्ट के कारण होने वाली मौतों में बढ़ोतरी देखी है। यह मुख्य रूप से 80 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को अपना शिकार बनाया है। सारा कौल ने आगे कहा कि कोविड के दीर्घकालिक प्रभावों और बढ़ती हृदय मृत्यु के बीच किसी भी लिंक को समझने के लिए इस पर और काम करने की जरूरत है।

डायबिटीज का भी खतरा

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) में जुलाई में प्रकाशित एक पेपर में यह भी पता चला था कि जो मरीज कोविड-19 से संक्रमित होते हैं, उनमें संक्रमण के बाद के तीन महीनों में हृदय संबंधी विकार और डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिका में 150,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि हल्के संक्रमण से उबरने वालों में भी हार्ट से जुड़ी बीमारी हो सकती है।

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