झारखंड में हुई एक दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। जहां एक 42 साल के शख्स की खाना नहीं मिलने से यानी भूख से मौत हो गई। इस घटना ने प्रदेश सरकारी की सारी योजनाओं की पोल खोलकर दी है। 

बोकारो. झारखंड में हुई एक दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। जहां एक 42 साल के शख्स की खाना नहीं मिलने से यानी भूख से मौत हो गई। इस घटना ने प्रदेश सरकारी की सारी योजनाओं की पोल खोलकर दी है। मामला जब सरकारी महकमों तक पहुंचा तो प्रशासन में हरकंप मच गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

परिवार के पास दो वक्त की रोटी के भी नहीं थे पैसे
दरअसल, यह दुखद घटना बोकारो में घटी है। जहां मृतक का नाम भूखल घासी है। वह कुछ दिन पहले मजदूरी करके अपने घर का गुजारा कर रहा था। लेकिन जब उसको कोई काम नहीं मिला तो वह घर का राशन तक खरीदकर नहीं ला सका और उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने दावा किया है कि हमारे घर में पिछले कई दिनों से अनाज का एक दाना तक नहीं है। अगर खान नहीं मिला तो कल मेरी भी मौत हो सकती है। 

परिवार के पास राशन कार्ड तक नहीं
पीड़ित परिजनों ने दावा किया है कि उनके पास ना तो कोई राशन कार्ड था और न ही आयुष्मान कार्ड। जिसके चलते हमको सरकारी योजानओं का लाभ नहीं मिलता था। वहीं बोकारो प्रशासन का कहना है कि भखल की मौत भूख से नहीं, बल्कि बीमारी के चलते हुई है। जिले के आयुक्त मुकेश कुमार ने कहा- मृतक रक्तहीनता नाम की बीमारी से पीड़िता था। जिसका सही समय पर इलाज नहीं और पाया और उसकी जान चली गई। मामले पर संज्ञान लेते हुए बीडीओ ने तुरंत निगम के कर्मचारियों को आदेश दिए और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द सरकारी योजना का लाभ दिया जाए।