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12 साल बाद 20 नवंबर को गुरु करेगा कुंभ राशि में प्रवेश, कैसा होगा देश-दुनिया पर असर?

20 नवंबर, शनिवार की रात सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (गुरु) मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। धर्म ग्रंथों में इस ग्रह को देवताओं का गुरु कहा गया है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में भी इस ग्रह का विशेष महत्व है।

Astrology Jyotish Jupiter Guru Grah Rashi Parivartan on 20 November effect MMA
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Ujjain, First Published Nov 20, 2021, 5:30 AM IST
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उज्जैन. वैदिक ज्योतिष (Astrology) के अनुसार, गुरु एक राशि में लगभग 13 माह तक रहते हैं और लगभग बारह वर्षों में बारह राशियों का भ्रमण पूर्ण करते हैं। पूर्व में 2009 में गुरु कुंभ राशि में आए थे। ज्योतिषियों के अनुसार, गुरु ग्रह 20 नवंबर की रात 11.17 पर धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में गोचर करते हुए कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कुंभ राशि प्रवेश के साथ ही शनि गुरु का युति संबंध भंग होगा। इस समय सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है।

ज्योतिष में गुरु
- गुरु ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में सबसे ज्यादा लाभ प्रदान करने वाले ग्रहों में से एक माना जाता है और यह भाग्य और सम्मान प्राप्ति के भी मुख्य कारक माने जाते हैं।
- गुरु को बहुत ही शुभ ग्रह माना गया है। ये लगभग सभी ग्रहों के साथ मित्रवत रहते हैं। देवगुरु बृहस्पति धनु और मीन राशि के स्वामी हैं।
- गुरु ग्रह कर्क राशि में उच्च के और मकर राशि में नीच के होते हैं। उच्च की स्थिति में शुभ फल प्रदान करते हैं और नीच की स्थिति में अशुभ।

गुरु का राशि परिवर्तन का असर 
- गुरु का राशि परिवर्तन देश-दुनिया के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। गुरु धर्म अध्यात्म का प्रमुख ग्रह माना जाता है। गुरु के कुंभ राशि में प्रवेश से रोगों का प्रभाव कम होगा। राजनेताओं में वैमनस्यता का भाव बढ़ेगा।
- कहीं-कहीं दुर्भिक्ष की स्थितियां भी निर्मित हो सकती हैं। गुरु शनि की नीच राशि मकर से शनि की ही राशि कुंभ में प्रवेश कर रहे हैं। यह परिवर्तन सत्तारूढ़ सरकारों की परेशानियां बढ़ाने वाला हो सकता है।
- गुरु ग्रह का ये परिवर्तन मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि के लिए शुभ रहेगा। कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के लिए अशुभ फल देने वाला रहेगा और कर्क राशि के लिए ये ग्रह परिवर्तन मिश्रित फल देने वाला रहेगा।

अप्रैल 2022 तक इसी राशि में रहेंगे गुरु
- 20 नवंबर 2021 से 13 अप्रैल 2022 तक देवगुरु गुरु कुंभ राशि में ही रहेंगे। इस बीच 23 फरवरी 2022 को गुरु अस्त होंगे, इसके बाद 27 मार्च 2022 को वापस उदय होंगे।
- 13 अप्रैल 2022 को गुरु अपनी खुद की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। 29 जुलाई 2022 को गुरु मीन राशि में वक्री हो जाएंगे। साल के आखिर में यानी 24 नवंबर 2022 को गुरु दोबारा से मार्गी होंगे।

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