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Guru Pushya 2021: साल का अंतिम गुरु पुष्य आज, इस दिन हर तरह की खरीदारी रहेगी शुभ, जुलाई 2022 में बनेगा ये योग

देवउठनी एकादशी के बाद इन दिनों पूरे देश में शादियों की धूम है, जिसके चलते बाजार में भी रौनक बनी हुई है। लोग शादियों के लिए हर तरह की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार 25 नवंबर, गुरुवार को साल का अंतिम गुरु पुष्य (Guru Pushya 2021) योग बन रहा है।
 

Astrology Jyotish last Guru Pushya of year 2021 on 25th November it is auspicious for any shopping MMA
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Ujjain, First Published Nov 25, 2021, 5:00 AM IST
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उज्जैन. पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र के अनुसार, इस दिन अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेंगे। इन शुभ योगों में किया गया निवेश फायदेमंद होता है। साथ ही इस दौरान की गई खरीदी स्थाई और शुभ फल देने वाली होती है। तीन बड़े शुभ योग बनने के कारण ये दिन रियल एस्टेट में निवेश, नए कामों की शुरुआत, वाहन, ज्वेलरी, कपड़े और अन्य चीजों की खरीदारी के लिए शुभ रहेगा।

पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदना होता है शुभ
गुरुवार को पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदी समृद्धि देने वाली होती है। इस नक्षत्र की धातु सोना है। बृहस्पति देव का वार होने से इस योग में दुल्हा-दुल्हन के लिए सोना और ज्वेलरी खरीदने से समृद्धि बनी रहती है। विद्वानों का कहना है कि गुरु पुष्य योग में दुल्हा-दुल्हन के लिए ज्वेलरी खरीदने से बृहस्पति का शुभ प्रभाव रहता है। इससे वैवाहिक जीवन के दोषों में कमी आती है और दांपत्य सुख भी बढ़ता है।

रियल एस्टेट के लिए भी खास
पुष्य नक्षत्र में रियल एस्टेट के साथ ही वाहन, मशीनरी और अन्य स्थाई सम्पत्ति में किया गया निवेश लंबे समय तक फायदा देता है। इस दिन चांदी, कपड़ा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक चीजों की खरीदी भी शुभ रहती है। इस शुभ मुहूर्त में खरीदा गया व्हीकल कई दिनों तक चलता है और उससे फायदा मिलता है। इस शुभ संयोग में नया बिजनेस और नौकरी की शुरुआत करना भी फलदायी माना गया है।

रिश्तों में स्थिरता देने वाला नक्षत्र
सभी 27 नक्षत्रों में पुष्य को राजा माना जाता है। इस नक्षत्र को शास्त्रों में अमरेज्य भी कहा गया है। यानी वो नक्षत्र जो जीवन में स्थिरता और अमरता लेकर आता है। इस नक्षत्र में शादियों के लिए की गई खरीदारी से रिश्तों में मिठास और मजबूती आती है। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि होता है, लेकिन प्रकृति गुरु के जैसी होती है। जब भी गुरुवार को पुष्य नक्षत्र पड़ता है तो इससे बनने वाला गुरु पुष्य योग सुख-समृद्धि और सफलता देने वाला होता है। इसलिए पुष्य नक्षत्र में शादियों के लिए खरीदारी करने की परंपरा है।

28 जुलाई 2022 को बनेगा ये संयोग
गुरुवार को सूर्योदय के साथ ही पुष्य नक्षत्र शुरू होगा जो शाम तकरीबन 6.50 तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी पुष्य नक्षत्र के साथ शुरू और खत्म होंगे। इसलिए हर तरह की खरीदारी, निवेश और नए कामों की शुरुआत के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा। इसके बाद अगले साल, यानी 28 जुलाई 2022 को पूरे दिन-रात पुष्य नक्षत्र होने पर फिर से गुरु-पुष्य योग बनेगा।
 

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