उज्जैन. ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार नवरात्रि के बीच में ही गुरु अपनी राशि धनु से मकर में प्रवेश करेगा। मकर गुरु की नीच राशि है। यानी नवरात्रि के मध्य में ही गुरु नीच का हो जाएगा।

178 साल पहले बना था ऐसा ही दुर्लभ संयोग
पं. शर्मा के अनुसार सन 1842 में 11 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हुई थी। इस नवरात्रि के दौरान 16 अप्रैल को गुरु ने धनु से मकर राशि में प्रवेश किया था। इस बार भी ऐसा ही संयोग बन रहा है। 25 मार्च से नवरात्रि शुरू होगी और 29 मार्च को गुरु राशि बदलकर मकर राशि में जाएगा। मकर राशि में मंगल, गुरु और शनि का योग बनेगा।

विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा

  • 25 मार्च से विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा। इसका नाम प्रमादी है। नवरात्रि बुधवार से शुरू होगी अगले सप्ताह गुरुवार को खत्म होगी।
  • प्रमादी संवत् के राजा बुध और मंत्री चंद्र होंगे। बुध और चंद्र आपस में शत्रु भाव रखते है। ऐसे में मंत्री और राजा के बीच मतभेद होने से प्रजा को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।
  • नववर्ष में फसलों पर नकारात्मक प्रभाव, अल्प वर्षा और जनता को करों का ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
  • भारत, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, ईरान, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार के लिए नया वर्ष मुश्किलों से भरा हो सकता है।
  • इन क्षेत्रों में भूकंप का झटका आ सकता है। मंहगाई, तनाव, विवाद की स्थितियां ज्यादा रहेंगी।