शनिवार को पहले भरणी नक्षत्र होने से ध्वांक्ष नाम का अशुभ योग और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र होने से केतु नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। 

उज्जैन. हिंदू कैलेंडर में पंचांग एक अनिवार्य हिस्सा है। पंचांग का उपयोग हमेशा ज्योतिष शास्त्र के लिए भी किया जाता है। पंचांग मुख्यतः पाँच भागों से बना है। ये पांच भाग हैं- तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। यहां दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह आदि के बारे में जानकारी मिलती है। भारत में कई तरह के पंचांग प्रचलित हैं। यह सर्वाधिक प्रसिद्ध पंचांग है विक्रम जो भारत के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य भाग में प्रचलित है। इसके बाद तमिल का उपयोग किया जाता है जो दक्षिण भारत में प्रचलित है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…

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25 जून का पंचांग (Aaj Ka Panchang 25 June 2022)
25 जून 2022, दिन शनिवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। इस दिन सूर्योदय भरणी नक्षत्र में होगा, जो सुबह 10.24 तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। शनिवार को पहले भरणी नक्षत्र होने से ध्वांक्ष नाम का अशुभ योग और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र होने से केतु नाम का शुभ योग इस दिन बन रहा है। इस दिन त्रिपुष्कर नाम एक अन्य शुभ योग भी रहेगा। राहुकाल सुबह सुबह 9:08 से 10:48 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होगी... 
शनिवार को चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में, बुध और शुक्र वृषभ राशि में, राहु मेष राशि में, केतु तुला राशि में, मंगल व गुरु मीन में और शनि कुंभ राशि में रहेंगे। शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। पूर्व दिशा में यात्रा करना पड़े तो अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से निकलें।

25 जून के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आषाढ़
पक्ष- कृष्ण
दिन- शनिवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- भरणी और कृत्तिका
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय - 5:47 AM
सूर्यास्त - 7:11 PM
चन्द्रोदय - 2:44 AM
चन्द्रास्त - 4:11 PM 
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12.02 से 12.56

25 जून का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 2:10 PM – 3:50 PM
कुलिक - 5:46 AM – 7:27 AM
दुर्मुहूर्त - 07:34 AM – 08:28 AM
वर्ज्यम् - 11:45 PM – 01:32 AM

बव करण में कर सकते हैं शुभ काम 
चन्द्र और सूर्य के भोगांश के अन्तर को 6 से भाग देने पर प्राप्त संख्या करण कहलाती है। दूसरे शब्दों में चन्द्र और सूर्य में 6 अंश के अन्तर के समय को एक करण कहते है। प्रत्येक तिथि में दो करण होते हैं। इनकी संख्या 11 है। बालव करण इनमें से दूसरा है। इस करण में जन्म लेने वाला व्यक्ति ज्ञानी और अनेक विषयों का ज्ञाता होता है। शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर वह धन और यश दोनों प्राप्त करते हैं और अपने कुल का नाम रोशन करता है।