हिंदू धर्म में हर काम शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है और मुहूर्त की जानकारी पंचांग से मिलती है। हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है।

उज्जैन. पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू मास एवं पक्ष आदि की जानकारी देते हैं। आगे जानिए 3 फरवरी 2022, गुरुवार (Panchang February 3, 2022) के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय आदि संपूर्ण जानकारी…

आज की तिथि और पर्व
3 फरवरी, गुरुवार को विक्रम संवत 2078, जिसका नाम आनन्द है, के माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। वैसे तो ये गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन रहेगा, लेकिन द्वितिया तिथि क्षय होने के कारण इस दिन तृतीया तिथि से संबंधित पूजा कर्म किए जाएंगे।

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शुभ योग और मुहूर्त
3 फरवरी, गुरुवार को सूर्योदय शतभिषा नक्षत्र में होगा, जो शाम 7.15 तक रहेगा। इसके बाद पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। गुरुवार को पहले शतभिषा नक्षत्र होने से वज्र और उसके बाद पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र होने से मुग्दर नाम के 2 अशुभ योग इस दिन बन रहे हैं। 3 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:33 से 06:21 तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 से 01:02 तक रहेगा। अमृत काल सुबह 09:46 से 11:17 तक रहेगा। अभिजीत और अमृत काल में शुभ काम किए जा सकते हैं। 

ये है राहु काल का समय
3 फरवरी, गुरुवार को राहूकाल दोपहर 02:03 से 03:26 तक रहेगा। इसके अलावा यम गण्ड सुबह 07.09 से 08:31 तक, कुलिक सुबह 09:54 से 11:17 तक, दुर्मुहूर्त सुबह 10:49 से 11:34 तक रहेगा। ये सभी अशुभ काल है यानी इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें। 

ग्रहों की स्थिति
3 फरवरी, गुरुवार को चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। सूर्य, शनि और बुध मकर राशि में, शुक्र ग्रह धनु राशि में, गुरु कुंभ राशि में, राहु वृषभ और केतु वृश्चिक में व मंगल धनु राशि में रहेंगे। 

इस दिशा में न करें यात्रा
गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा वर्जित मानी गई है। इस दिन दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहता है। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो दहीं या जीरा खाकर घर से बाहर निकलें।