Aaj Ka Panchang: 3 अक्टूबर, सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र होने से उत्पात नाम का अशुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा शोभन और अतिगण्ड नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 07:51 से 9:19 तक रहेगा।

उज्जैन. पंचांग के अनुसार, एक साल में दो अयन होते हैं- उत्तरायण और दक्षिणायन। ये दोनों 6-6 महीनों में बटे हुए होते हैं। इसी तरह एक महीने में दो पक्ष होते हैं- शुक्ल और कृष्ण। इन दोनों पक्षों में 1 से लेकर 14 तक की तिथियां समान होती हैं। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहते हैं। ये दोनों ही तिथियां बहुत खास होती हैं। पंचांग में इन तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है। आगे जानिए पंचांग से जुड़ी खास बातें…

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नवरात्रि के आठवें दिन करें देवी महागौरी की पूजा
आज (3 अक्टूबर, सोमवार) शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां महागौरी का रंग अत्यंत गोरा है इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। देवी महागौरी की पूजा से हर तरह का सुख हमें प्राप्त हो सकता है। इनकी चार भुजाएं हैं। वाहन बैल है। देवी महागौरी के दाहिनी ओर का ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाएं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। 

3 अक्टूबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 3 October 2022)
3 अक्टूबर 2022, दिन सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पूरे दिन रहेगी। ये शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन रहेगा। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाएगी। सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दिन भर रहेगा। सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र होने से उत्पात नाम का अशुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा शोभन और अतिगण्ड नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 07:51 से 9:19 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
सोमवार को बुध ग्रह कन्या राशि में, चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य, बुध और शुक्र कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो शीशे में अपना चेहरा देखकर या कोई भी पुष्प खा कर घर से निकलना चाहिए।

3 अक्टूबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आश्विन
पक्ष- शुक्ल
दिन- सोमवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- पूर्वाषाढ़ा
करण- बव और बालव
सूर्योदय - 6:23 AM
सूर्यास्त - 6:08 PM
चन्द्रोदय - Oct 03 1:34 PM
चन्द्रास्त - Oct 04 12:20 AM
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 से दोपहर 12:40 

3 अक्टूबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 10:47 AM – 12:15 PM
कुलिक - 1:44 PM – 3:12 PM
दुर्मुहूर्त - 12:39 PM – 01:26 PM, 03:00 PM – 03:47 PM
वर्ज्यम् - 07:53 AM – 09:23 AM

क्या होते हैं अयन?
हिंदू पंचांग में एक साल को 2 अयनों में बांटा गया है। इनके नाम दक्षिणायन और उत्तरायण है। उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है और दक्षिणायन को देवताओं की रात। सूर्य जब उत्तरी ध्रुव की ओर गति करता है तो इस समय को उत्तरायण कहते हैं और जब दक्षिण ध्रुव की ओर गति करता है उसे दक्षिणायन कहते हैं। उत्तरायण में शुभ कार्य किए जाते हैं और दक्षिणायन के दौरान इन पर रोक लगी होती है।


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