वास्तु शास्त्र में हर दिशा के एक विशेष महत्व बताया गया है। हर दिशा के एक स्वामी हैं। उत्तर दिशा के स्वामी धन के देवता कुबेर हैं।

उज्जैन. घर की उत्तर दिशा में अगर कोई भी वास्तु दोष होता है तो तो करिअर, पैसे और बिजनेस में परेशानियां आ सकती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, उत्तर दिशा में भारी चीजें होना या ज्यादा निर्माण होने से इस दिशा में दोष आ जाता है। इसके अलावा उत्तर का दक्षिण दिशा से ऊंचा होना भी समस्या का कारण बन सकता है। उत्तर में अगर कोई कट होगा तो नौकरी और बिजनेस में नए मौके नहीं मिल पाते हैं। जानिए उत्तर दिशा से जुड़ी खास बातें…

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1. उत्तर दिशा में हमेशा कच्ची जमीन खाली छोड़नी चाहिए, इससे घर में धन की देवी लक्ष्मी का आगमन होता है।
2. अगर आप घर में तिजोरी का इस्तेमाल करते हैं तो आप उसकी स्थापना भी इसी दिशा में करें।
3. उत्तर और ईशान दिशा में घर का मुख्य दरवाजा हो तो अति उत्तम होता है। 4. उत्तर दिशा में शौचालय, रसोईघर बनवाने, कूड़ा-करकट डालने और इस दिशा को गंदा रखने से धन-संपत्ति का नाश होकर दुर्भाग्य का निर्माण होता है।
5. उत्तर दिशा का तत्व जल है। इस दिशा को संतुलित करके यहां पर पानी रखना जैसे की अंडर ग्राउंड वाटर टैंक बहुत शुभ हो जाता है।
6. यहां पर कुबेर की ब्रास धातु की बनी हुई प्रतिमा लगा सकते हैं। याद रखें वह सिर्फ एक शोपीस की तरह उसका पूजन नहीं करें।
7. भवन के निर्माण के समय उत्तर में भारी पिलर लगाने से बचें, यहां नीले रंग की कांच की बोतल में एक मनी प्लांट लगा सकते हैं।
8. घर के सदस्यों में प्यार बना रहे इसलिए उत्तर दिशा में कोई भी दीवार टूटी हुई या किसी भी दीवार में दरार नहीं होनी चाहिए। उत्तर दिशा का कोई कोना कटा हुआ भी नहीं होना चाहिए।