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शनिवार को ये 10 नाम बोलकर करें शनिदेव की पूजा, कम हो सकता है साढ़ेसाती और ढय्या का असर

ज्योतिष में शनि को न्यायाधीश कहा गया है यानी न्याय करने वाले देवता। जब भी किसी राशि पर शनि की टेढ़ी दृष्टि पड़ती है, उस राशि वाले लोगों को बुरे दिन शुरू हो जाते हैं।

Worship Lord Shani by saying these 10 names on Saturday KPI
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Ujjain, First Published Dec 14, 2019, 9:12 AM IST
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उज्जैन. साढ़ेसाती और ढय्या के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक शनिवार को शनिदेव की पूजा और उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। शनिदेव के 10 नाम वाले मंत्र और उसकी जाप विधि इस प्रकार है-

मंत्र
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

ये हैं शनिदेव के 10 नाम...
1. कोणस्थ
2. पिंगल
3. बभ्रु
4. कृष्ण
5. रौद्रान्तक
6. यम
7. सौरि
8. शनैश्चर
9. मंद
10. पिप्पलाद।

इस विधि से करें मंत्र का जाप…
- शनिवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद एक साफ स्थान पर शनिदेव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- शनिदेव के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। ये दीपक पूजा समाप्त होने तक जलते रहना चाहिए।
- शनिदेव को नीले फूल अर्पित करें और इसके बाद रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जाप करें।
- कम से कम 5 माला जाप अवश्य करें। इस प्रकार शनिदेव की पूजा करने से आपकी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
 

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