इन 4 डिशेज के बिना अधूरी है भोगी उत्सव, न्यू ब्राइड जान लें रेसिपी
Bhogi Festival 2026 पर भोगी भाजी, सक्करै पोंगल, पुलिहोरा और तिल-गुड़ लड्डू के बिना थाली अधूरी मानी जाती है। नई दुल्हन के लिए ये 4 पारंपरिक डिशेज बनाना शुभ माना जाता है और इन्हें बनाने से सास-ससुर की तारीफ भी पक्की है।

भोगी उत्सव मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है और यह नई फसल, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों में नए अनाज, गुड़, तिल और चावल से बनी ट्रेडिशनल डिशेज बनाई जाती हैं। खासकर नई दुल्हनों के लिए भोगी की रसोई बहुत मायने रखती है, क्योंकि पहली बार ससुराल में बना भोगी त्योहार और पूरे परिवार के लिए महत्वपुर्ण होता है। अगर आप चाहती हैं कि भोगी पर सास भी तारीफ करें, तो ये 4 खास डिशेज जरूर बनाएं।
भोगी भाजी
भोगी भाजी इस पर्व की सबसे पारंपरिक डिश मानी जाती है। इसे नई फसल की हरी सब्जियों जैसे चौलाई, पालक, कद्दू, सेम और मूली से बनाया जाता है। इसमें हल्का तड़का, नारियल और कम मसाले डाले जाते हैं, जिससे सब्जियों का असली स्वाद बना रहता है। यह डिश हेल्दी भी होती है और पूजा के भोग के लिए भी परफेक्ट मानी जाती है।
सक्करै पोंगल
भोगी के दिन मीठे के बिना थाली अधूरी मानी जाती है। सक्करै पोंगल चावल, मूंग दाल, गुड़ और घी से बनाया जाता है। इसमें इलायची और काजू डालकर स्वाद और खुशबू बढ़ाई जाती है। यह डिश देवी-देवताओं को भोग लगाई जाती है और पूरे परिवार में प्रसाद के रूप में बांटी जाती है।
वेंकटेश्वर पुलिहोरा (इमली चावल)
पुलिहोरा यानी इमली चावल भोगी और संक्रांति दोनों में बेहद खास होते हैं। खट्टे-मीठे स्वाद वाला यह चावल इमली, गुड़ और मसालों से तैयार किया जाता है। यह लंबे समय तक फ्रेश रहता है, इसलिए पूजा और मेहमानों को परोसने के लिए बनाया जाता है।
अरिसेलु / तिल-गुड़ लड्डू
भोगी पर तिल और गुड़ से बनी मिठाइयों का विशेष महत्व होता है। अरिसेलु या तिल-गुड़ लड्डू शरीर को सर्दियों में गर्माहट देते हैं और ऊर्जा भी बढ़ाते हैं। नई दुल्हन द्वारा बनाई गई ये मिठाइयां शुभता और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं।