चीन की 23 वर्षीय ज़िया शिवेई को बोन कैंसर के बाद माता-पिता ने छोड़ दिया। पैर कटने के बावजूद, उसने पढ़ाई जारी रखी और खुद इलाज का खर्च उठाया। उसकी हिम्मत की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है, जहाँ वह अब भी बीमारी से लड़ रही है।
बेटी को कैंसर होने का पता चलने पर उसे छोड़ देने वाले माता-पिता। इन सबसे टूटे बिना, बीमारी से अकेले लड़कर हिम्मत से आगे बढ़ने वाली एक लड़की की कहानी चीन के सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। ये कहानी है चीन के अनहुई प्रांत के एक गांव की 23 साल की ज़िया शिवेई की। 2021 में, कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम के दौरान वह अचानक बेहोश हो गई। तबीयत खराब होने के बावजूद, उसने अपनी परीक्षा पूरी करने का फैसला किया। बाद में जब डॉक्टरों को दिखाया, तो पता चला कि उसे बोन कैंसर है।
उसकी बीमारी तेजी से बिगड़ने लगी। सिर्फ एक साल बाद, उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसका दाहिना पैर काटना पड़ा। ज़िया की माँ उसे एक बोझ मानने लगी थी। दादी के बार-बार कहने पर ही माँ उसे इलाज के लिए बीजिंग के एक अस्पताल में ले गई। जैसे ही बेटी के कैंसर का पता चला, ज़िया के पिता ने उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए। और जब उसका पैर काटा गया, तो माँ ने भी उसे छोड़ दिया।
इतनी मुश्किलों के बावजूद, ज़िया ने हेफ़ेई नॉर्मल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और अपनी पढ़ाई जारी रखी। इलाज के लिए पैसे जुटाने के लिए, उसने ऑनलाइन लिखना शुरू किया और खिलौने बनाकर सड़कों पर बेचने लगी। अपने इलाज और ज़िंदगी के अनुभव शेयर करने के लिए उसने 'मिरेकल ज़िया ज़िया' नाम से एक ऑनलाइन अकाउंट भी बनाया। जल्द ही, उसका अकाउंट फेमस हो गया और उसके 460,000 फॉलोअर्स हो गए। माता-पिता के छोड़ने के बाद, ज़िया के छह ऑपरेशन हुए। बाद में, उसने खुद एक नकली पैर खरीदा और उस पर चलना सीखा।
2023 और 2024 में, ज़िया का कैंसर वापस आ गया और फेफड़ों तक फैल गया। हाल ही में, ज़िया ने बताया कि डॉक्टरों को उसकी फुफ्फुस झिल्ली (pleura) में एक नया ट्यूमर मिला है। शंघाई अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे कीमोथेरेपी और सर्जरी की सलाह दी है और उनका कहना है कि इलाज से वह बच सकती है। इन सबके बावजूद, ज़िया का कहना है कि वह अपनी ज़िंदगी को पूरी तरह से जीना चाहती है। कोई साथ हो या न हो, वह बिना हिम्मत हारे आगे बढ़ रही है। चीन का सोशल मीडिया अब उसकी तारीफ कर रहा है।
