Ayurvedic food For liver: लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकालने के लिए आयुर्वेदिक फूड्स अपनाएं। हल्दी, आंवला, त्रिफला चूर्ण और गिलोय का सेवन लिवर हेल्थ और पाचन में सुधार करता है।

Ayurvedic Habits For liver: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ रख पाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। अनहेल्दी फूड्स खाने से जहां शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, वहींटॉक्सिन भी बन रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों को लिवर की बीमारी का सामना करना पड़ रहा है। आप लिवर की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं। आयुर्वेद में कुछ ऐसे फूड्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो न सिर्फ आपके लिवर को हेल्दी रखते हैं बल्कि टॉक्सिन को भी शरीर से बाहर निकालते हैं। आईए जानते हैं कि लिवर को हेल्दी रहने वाले आयुर्वेदिक फूड्स के बारे में। 

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हल्दी लिवर को कैसे पहुंचाती है फायदा?

 आयुर्वेद में शरीर सेटॉक्सिन को हटाने के लिए जड़ी बूटी और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें से एक है हल्दी। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी होती है, जो बाइल (पित्त) के प्रोडक्शन को बढ़ाती है औरटॉक्सिन को बाहर निकलने का काम करती है। आप रोजाना सुबह गुनगुने पानी में हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। 

क्या आंवला पाचन बनाता है बेहतर?

आंवले में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। एंटीऑक्सीडेंट युक्त आंवला अगर रोजाना खाया जाए, तो न सिर्फ लिवर की गंदगी बाहर होगी बल्कि टिशु रीजेनरेशन भी होगा। आंवले का रस पाचन एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाने का काम करता है। आंवले का सेवन करने से लिवर स्वस्थ रहता है और पाचन की बेहतर होता है।

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त्रिफला चूर्ण रोज खाने से क्या होता है?

लंबे समय से कब्ज की समस्या है या फिर अपच से परेशान हैं, तो आपको आयुर्वेद जड़ी-बूटी त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए। हरीतकी, बिभीतकी और आमलकी का मिश्रण पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर केटॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है।कुछ ही दिनों में आपको त्रिफला चूर्ण के फायदे नजर आने लगेंगे।

गिलोय से कौन सा रोग ठीक होता है?

गिलोय भी लिवर के लिए अच्छा आयुर्वेदिक फूड माना जाता है। यह ना सिर्फ सूजन को कम करता है बल्कि इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। गिलोय का काढ़ा, जूस या पाउडर के रूप में सेवन कर लिवर को स्वस्थ्य बनाएं। गिलोय डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी फायदेमंद है।

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