एचएमपीवी वायरस के लक्षण, संक्रमण से बचाव के उपाय और तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन जानें। सांस की बीमारियों और वायरस की तुलना से समझें कैसे सुरक्षित रहें।

हेल्थ डेस्क: तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर बताया कि 2023 से 2024 के बीच सांस की बीमारियों में किसी भी तरह की बढ़त की जानकारी नहीं मिली है। साथ ही एचएमपीवी वायरस का भी कोई मामले सामने नहीं आएं। सांस संबंधी बीमारियों और वायरस के डेटा की तुलना पर पता चला कि सांस की बीमारियों की तुलना में एमएमपीवी वायरस का प्रकोप न के बराबर है। चीन में फैला ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) संक्रमण भारत में भी आ चुका है। अब तक तीन लोगों में एचएमपीवी संक्रमण के मामलों के बारे में जानकारी मिली है।

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने इस बात की घोषणा की है कि कर्नाटक में जिन मामलों की पहचान हुई, उन लोगों में सामान्य सर्दी के लक्षण दिखे हैं। सर्दियों में इस तरह का सांस का संक्रमण सामान्य बात होती है। जानिए एचएमपीवी वायरस के लिए क्या गाइडलाइन जारी की गई हैं।

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एचएमपीवी वायरस के लिए जारी की गई गाइडलाइन

क्या करें?

  • खांसी या फिर छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल की मदद से ढकें।
  • हाथों को बार-बार साबुन से साफ करें। अगर साबुन नहीं है तो आप एल्कोहल युक्त सेनीटाइजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • जिस भी इंसान में सांस की बीमारी के लक्षण दिखें, उनसे दूरी बनाए रखें।
  • अगर आपको इंफेक्शन है तो बेहतर होगा की भीड़-भाड़े वाले स्थान पर न जाएं।
  • घर में किसी को संक्रमण है तो अच्छे वेंटीलेशन के बारे में जानकारी प्राप्त करें ताकि अन्य लोगों को संक्रमण न फैले। 

क्या न करें?

  • अपने हाथ या नाक को बार-बार ना छुएं।
  • कई बार संक्रमित हाथ भी इंफेक्शन फैलने का काम करते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर थूंकने से संक्रमण होता है जो किसी दूसरे व्यक्ति में संक्रमण फैल सकता है।
  • किसी भी दूसरे व्यक्ति का रुमाल या टिशू दोबारा उपयोग न करें।
  • अगर आपको संक्रमण है तो बिना डॉक्टर के संपर्क के कोई भी दवा ना लें।

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