Deadliest Disease: भारत में सबसे ज़्यादा जानें लेने वाले 7 साइलेंट किलर्स
Most Dangerous Diseases: अगर हमें सबसे जानलेवा बीमारियों के बारे में पता हो, तो हम पहले से ही सावधान रह सकते हैं और सही कदम उठा सकते हैं। यहां भारत की सात सबसे जानलेवा बीमारियों के बारे में आसान भाषा में बताया गया है।

भारत की सात सबसे जानलेवा बीमारियां
भारत में हर साल लाखों लोग ऐसी बीमारियों से मर जाते हैं, जिन्हें अगर समय पर पहचान लिया जाए तो रोका जा सकता है। लेकिन थोड़ी भी जानकारी न होने के कारण कई बीमारियों से लोग मर जाते हैं। ये मौतें अचानक नहीं होतीं, बल्कि जागरूकता की कमी, इलाज में देरी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और शुरुआती पहचान की कमी का नतीजा होती हैं। अगर हमें इन सबसे घातक बीमारियों के बारे में पता हो, तो हम पहले से सावधान रह सकते हैं और सही कदम उठा सकते हैं। यहां भारत की सात सबसे जानलेवा बीमारियों के बारे में आसान भाषा में बताया गया है।
दिल से जुड़ी बीमारियां
भारत में दिल की बीमारी मौत का एक प्रमुख कारण है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग, तला हुआ खाना, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण हैं। कई लोग कई सालों तक हल्के लक्षणों का अनुभव करते हैं, लेकिन इसका इलाज नहीं कराते। जब तक वे अस्पताल पहुंचते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए, नियमित जांच, स्वस्थ भोजन और एक्टिव लाइफस्टाइल से इन मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते। बाद में सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, दिल की धड़कन तेज होना, पैरों या पेट में सूजन, थकान, चक्कर आना या बेहोशी जैसी समस्याएं दिखाई देने लगती हैं।
सांस से जुड़ी पुरानी बीमारियां
अस्थमा और COPD जैसी बीमारियां धीरे-धीरे फेफड़ों को कमजोर कर देती हैं। प्रदूषण, चूल्हे का धुआं, सिगरेट का धुआं और धूल-धुएं में काम करना इसके मुख्य कारण हैं। शुरुआत में सांस लेने में तकलीफ मामूली लग सकती है, लेकिन बाद में हालत गंभीर हो जाती है। समय पर पहचान और सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन भी जी सकते हैं। सांस की बीमारियां अक्सर इन्फेक्शन से होती हैं। जब भी आप बाहर से लौटें तो हमेशा अपने हाथ धोएं। साफ-सफाई बनाए रखने के लिए आप हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे इन्फेक्शन का खतरा कम हो जाता है।
टीबी (क्षय रोग)
भारत में टीबी (क्षय रोग) का पूरी तरह से इलाज संभव है, फिर भी यह एक जानलेवा बीमारी है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के किसी भी अंग जैसे लिम्फ नोड्स, पाचन तंत्र, लिवर, दिल, आंखें, सेंट्रल नर्वस सिस्टम, मांसपेशियों और जननांगों पर भी असर डाल सकती है। यह बांझपन का कारण भी बन सकती है। देर से पहचान होना, दवाएं बीच में बंद कर देना और कमजोरी इसके प्रमुख कारण हैं। दवाओं का पूरा कोर्स करना बहुत जरूरी है, नहीं तो यह बीमारी और भी खतरनाक रूप में लौट आती है।
डायबिटीज
डायबिटीज से तुरंत मौत नहीं होती, लेकिन यह दिल, किडनी, आंखों और नसों को काफी नुकसान पहुंचाती है। अगर इसे कंट्रोल न किया जाए, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है। नियमित जांच और खान-पान में सावधानी बरतकर इन्हें रोका जा सकता है। डायबिटीज एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। डायबिटीज कई तरह की होती है, जिसमें टाइप 2 डायबिटीज सबसे आम है। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज से बचा जा सकता है और इसका इलाज भी किया जा सकता है।
कैंसर
विज्ञान और टेक्नोलॉजी ने भले ही बहुत तरक्की कर ली हो, लेकिन कुछ बीमारियां आज भी डर का कारण बनी हुई हैं। कैंसर एक ऐसी ही बीमारी है। भारत में कैंसर से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं, क्योंकि ज्यादातर मरीज डॉक्टर के पास देर से पहुंचते हैं। तंबाकू, प्रदूषण और इन्फेक्शन इसके मुख्य कारण हैं। कैंसर को पूरी तरह से रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन लाइफस्टाइल में बदलाव करके इससे बचा जा सकता है। वैसे, अगर कैंसर का पता जल्दी चल जाए, तो इसका इलाज संभव है और जान बचाई जा सकती है।
डायरिया (दस्त) की बीमारी
खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में गंदा पानी, खराब साफ-सफाई और कुपोषण डायरिया (दस्त) का कारण बनते हैं। ज्यादातर जानें ओआरएस (ORS) और साफ पानी से बचाई जा सकती हैं। बच्चों में डायरिया एक गंभीर समस्या है, लेकिन सही देखभाल और बचाव से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए घर में साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
नवजात शिशु से जुड़ी समस्याएं
समय से पहले जन्म, इन्फेक्शन और डिलीवरी के दौरान होने वाली दिक्कतों के कारण कई नवजात शिशु पहले महीने के अंदर ही मर जाते हैं। सही डिलीवरी सुविधाओं और नवजात शिशु की अच्छी देखभाल से इन मौतों को रोका जा सकता है।
क्या बदलाव किया जा सकता है?
इन बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने के लिए समय पर जांच, जागरूकता, हेल्दी लाइफस्टाइल और इलाज में देरी न करना बहुत जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टरी सलाह लें। अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें खाएं। यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और बताई गई बीमारियों से बचाने में मदद करेगा।