Bandhani Vs Chunri Print: बांधनी और चुनरी दिखने में मिलते-जुलते हैं, पर तकनीक, डिजाइन, रंग और उपयोग में बड़ा अंतर है। बांधनी टाई-एंड-डाई से बने बारीक डॉट्स वाली कला है, जबकि चुनरी डाई/ब्लॉक प्रिंट से बने बड़े चमकीले पैटर्न के लिए जानी जाती है।

Bandhani vs Chunri Print: भारतीय पारंपरिक परिधानों में बांधनी और चुनरी दो ऐसे प्रिंट हैं जिन्हें अक्सर लोग एक जैसा समझ लेते हैं। दोनों के रंग, पैटर्न और पारंपरिक लुक देखकर लगता है मानो दोनों एक ही हों, लेकिन असल में इनकी तकनीक, बनाने का तरीका और डिजाइन में काफी बड़ा अंतर होता है। राजस्थान और गुजरात की पहचान मानी जाने वाली बांधनी और उत्तर भारत की शादियों में आम दिखने वाली चुनरी दोनों की अपनी अलग ही कहानी और क्राफ्ट है, चलिए जानते हैं विस्तार से।

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1. तकनीक में अंतर

  • बांधनी एक टाई-एंड-डाई टेक्नीक है जिसमें कपड़े को छोटी-छोटी जगहों पर धागे से कसकर बांधा जाता है और फिर रंग में डुबोया जाता है। बांधी गई जगहें रंग नहीं पकड़तीं और सफेद डॉट बन जाती हैं।
  • वहीं चुनरी प्रिंट मुख्यतः डाई या ब्लॉक प्रिंटिंग की मदद से बनाई जाती है। इसमें कपड़ा पहले डाई किया जाता है या फिर रंगीन ब्लॉक पैटर्न से सजाया जाता है।

2. पैटर्न और डिजाइन

  • बांधनी में बनते हैं छोटे-छोटे डॉट्स, जिन्हें ‘बांधे’ कहलाते हैं। इनसे जाल, वेव्स, चौकड़ी, बेल-बूटे जैसे पैटर्न बनते हैं।
  • चुनरी में डॉट्स होते जरूर हैं लेकिन वे ज्यादा फैले हुए, बड़े और अक्सर फूलों, बूटों और रेखाओं के साथ होते हैं। चुनरी के पैटर्न ज्यादा फ्री-फ्लो और बड़े होते हैं।

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3. रंगों की खासियत

  • बांधनी में प्रायः लाल, पीला, हरा, नेवी ब्लू और सफेद रंगों का कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।
  • चुनरी में गुलाबी, पीला, नारंगी, मैरून और गोल्डन का डॉमिनेशन मिलता है। चुनरी का रंग अधिक चमकीला और त्योहारों वाला होता है।

4. उपयोग और पहचान

  • बांधनी खासकर राजस्थान और गुजरात में शादी, त्योहार और पारंपरिक पहनावे में पहनी जाती है।
  • वहीं चुनरी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पूजन, विवाह और पारंपरिक रस्मों में उपयोग होती है। चुनरी अक्सर दुल्हन की पूजा थाली या गोद भराई में भी यूज होती है।

5. कपड़े की क्वालिटी

  • बांधनी प्रायः जॉर्जेट, क्रेप या मुलमुल पर बनती है, क्योंकि इन पर बारीक डॉट्स बनाना आसान होता है।
  • चुनरी कॉटन, सिल्क, शिफॉन और जॉर्जेट-हर प्रकार के फैब्रिक पर आसानी से बन जाती है।

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6. लुक और फील

  • जहां बांधनी का लुक बेहद बारीक, कलात्मक और हैंडवर्क जैसा लगता है।
  • वहीं चुनरी थोड़ा प्लेन, चमकीला और त्योहारों वाला फील देती है।