ब्रिटेन में भारतीय इंजीनियर आकांक्षा को सिंदूर-मंगलसूत्र पहनने पर ब्रिटिश सहकर्मियों से सम्मान मिला, पर एक भारतीय सहकर्मी ने तंज कसा। आकांक्षा ने इसे अपनी पहचान बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी संस्कृति और हिंदू पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है।
ब्रिटेन के एबरडीन में काम करने वाली आकांक्षा सदेकर चौहान की एक सोशल मीडिया पोस्ट इस वक्त काफी चर्चा में है। आकांक्षा, कनाडा की पेट्रोलियम कंपनी CNR में ड्रिलिंग इंजीनियर हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में शादी के बाद सिंदूर और मंगलसूत्र पहनकर ऑफिस जाने का अनुभव शेयर किया है।
आकांक्षा बताती हैं कि जब वो सिंदूर और मंगलसूत्र पहनकर ऑफिस पहुंचीं, तो उनके ब्रिटिश सहकर्मियों ने बहुत सम्मान और प्यार दिया। लेकिन हैरानी तब हुई जब एक भारतीय मूल की सहकर्मी ने ही उन पर तंज कस दिया। उस सहकर्मी ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा, 'ऑफिस में नई-नवेली दुल्हन की तरह आने के लिए तुममें बहुत हिम्मत है'।
आकांक्षा ने लिखा, 'यह देखना दिलचस्प है कि जो लोग हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं, वे इसका सम्मान करते हैं, जबकि हमारे अपने ही लोग हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। हर कोई महिलाओं को कंट्रोल करना चाहता है। कभी कहते हैं कि कपड़े ज़्यादा मॉडर्न हैं, तो कभी कहते हैं कि ज़्यादा पारंपरिक हो गए। मैं सिंदूर किसी को दिखाने के लिए नहीं पहनती, यह मेरी पहचान का हिस्सा है।'
ऑयल एंड गैस सेक्टर को पुरुषों का गढ़ माना जाता है। आकांक्षा 100 से ज़्यादा इंजीनियरों की टीम में काम करने वाली सिर्फ तीन महिला ड्रिलिंग इंजीनियरों में से एक हैं। उनका जन्म मुंबई में हुआ था और नौ साल की उम्र में वह स्कॉटलैंड चली गई थीं। आकांक्षा का मानना है कि उनकी ब्रिटिश लाइफस्टाइल और हिंदू संस्कृति में कोई टकराव नहीं है, बल्कि दोनों साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक ब्रिटिश नागरिक हूं और एक हिंदू महिला भी। ये दोनों पहचानें मिलकर मुझे पूरा करती हैं। मुझे इसे अपने काम की जगह पर छिपाने की कोई ज़रूरत नहीं है।'


