ईरान में 1971 में एक ऐसी पार्टी हुई जिसे आज भी दुनिया याद करती है। लेकिन इस पार्टी के बाद ही वहां की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जिन महिलाओं को अपनी मर्जी के काम करने और कपड़े पहनने की आजादी थी वहां बुर्के ने जगह ले लिया था।

लाइफस्टाइल डेस्क. ईरान आज एक कट्टर इस्लामी राष्ट्र माना जाता है। लेकिन कभी यह मुल्क ऐसा था जहां पर सड़कों पर महिलाएं वेस्टर्न ड्रेस पहनकर घूमती थीं। वो अपने मन के मुताबिक काम करती थीं। आज के ईरान को देखने के बाद उस तस्वीर की कल्पना करना मुश्किल लगता है। 1979 के बाद वहां का हर दृश्य ही बदल गया जब इस्लामी क्रांति हुई। वहां के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाकर अयातुल्ला खुमैनी को तख्ता पर बैठाया गया। एक भव्य पार्टी ने कैसे इस्लामिक क्रांति को हवा दी आइए बताते हैं।

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1941 में मोहम्मद रजा जो अपने समय के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक थे, सत्ता में आये। हालांकि उनके देश की आधी आबादी अभी भी गरीबी रेखा से नीचे रहती है। शाह पर वेस्टर्न कल्चर का प्रभाव था। वो हिजाब जैसी सख्त प्रथाओं का विरोध करते हुए उदारवादी सोच रखते थे। धार्मिक मौलवी उनके इस कदम से खुश नहीं थे। लेकिन जो भी शाह की नीतियों का विरोध करता था उसे जेल में डाल दिया जाता था। इसकी वजह से कट्टरपंथी इस्लामिक सोच वाले लोगों के अंदर धीरे-धीरे आग सुलगने लगी थीं।

एक साल तक चली भव्य पार्टी की तैयारी

शाह ने फारसी साम्राज्य की 2500 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए ईरान में एक भव्य पार्टी आयोजित करने का निर्णय लिया। हालांकि पार्टी 1971 में हुई थी, लेकिन तैयारी एक साल पहले से ही शुरू कर दी थीं। सोच सकते हैं कि आयोजन किया बड़ा था। राजधानी में मेहमानों के ठहरने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, तो बंजर रेगिस्तान में पार्टी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

बंजर रेगिस्तान को बदल दिया गया ऐशगाह में

भव्य आयोजन के लिए पर्सेपोलिस नाम के एरिया की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया गया। 30 किलोमीटर तक को शानदार तरीके से सजाया गया। तमाम सुविधाओं से लैंस टेंट लगाए गए। फारस के पहले सम्राट साइरस महान की कब्र के पास भव्य समारोह की तैयारी चल रही थीं, हैरानी की बात यह थी कि ईरानी आबादी साफ पानी की कमी से जूझ रही थी तो दूसरी तरह बंजर रेगिस्तान पर पानी की नदियां बहाई जा रही थीं।

50 हजार पक्षियों को लाया गया

अतिथि सूची ने पार्टी को एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बदल दिया, जिसमें 65 देशों के प्रतिनिधि और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। रेगिस्तान में जंगल का माहौल देने के लिए 50 हजार पक्षियों को लाया गया। हालांकि कुछ ही दिनों में सभी पक्षी मर गए क्योंकि वे रेगिस्तान वातावरण के आदी नहीं थे।

दुनिया की सबसे महंगी पार्टी

मेहमानों के ठहरने के लिए रेगिस्तान में तंबुओं का एक शहर बनाया गया। यहां तक कि टेंट बनाने के लिए भी 40 ट्रक और 100 विमान फ्रांस से आयात किए गए थे। उत्सव में 18 टन भोजन, 180 वेटर, 25,000 शराब की बोतलें और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शामिल थी। दुनिया भर के राजाओं, रानियों और राजनेताओं के दौरे के लिए उपयुक्त माहौल बनाया गया था। पार्टी इतनी भव्य थी कि इसे दुनिया की सबसे महंगी पार्टी का खिताब मिला। तीन दिन तक पार्टी चली।

भव्य पार्टी का बुरा अंजाम

देश दुनिया से आए मेहमान को भले ही शाह ने खुश कर दिया। लेकिन अपने ही लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। मीडिया में खबर फैल गई कि पार्टी में 100 मिलियन डॉलर खर्च हुए हैं। जब सीमांत पर रहने वाली ईरानी जनता को इस खर्चे के बारे में पता चला तो उनका गुस्सा बढ़ गया। शाह और राजशाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया।1979 तक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शाह को अपने परिवार के साथ अपना ही देश छोड़कर भागना पड़ा। इस दौरान शिया धर्मगुरु अयातुल्ला खुमैनी ईरान लौट आए और उनके नेतृत्व में इस्लामी गणतंत्र ईरान की स्थापना हुई। पूरे देश में इस्लामी कानून लागू किया गया था। नए कानूनों में हिजाब न पहनने वाली महिलाओं के लिए कड़ी सजा शामिल थी, जिसमें 74 कोड़े से लेकर 16 साल तक की जेल शामिल थी। एक भव्य पार्टी की वजह से ईरान की तस्वीर ही पूरी तरह बदल गई।

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