National Handloom Day 2026 पर जानिए भारत की 10 सबसे मशहूर हैंडलूम साड़ियां। महाराष्ट्र की पैठणी, बनारसी, जामदानी, कांजीवरम, पटोला, सांबलपुरी, चंदेरी, मूंगा सिल्क, पोचमपल्ली और भागलपुरी सिल्क की खासियत, इतिहास और पहचान एक ही जगह।
हर साल 7 अगस्त को मनाया जाने वाला नेशनल हैंडलूम डे भारत की समृद्ध बुनकरी परंपरा का सेलिब्रेशन है। देश के अलग-अलग राज्यों की हैंडलूम साड़ियां अपनी बारीक बुनाई, शाही डिज़ाइन और सांस्कृतिक विरासत के लिए भारत ही नहीं दुनिया भर में मशहूर हैं। आइए जानते हैं भारत की 10 सबसे फेमस हैंडलूम साड़ियों के बारे में, जो हर हैंडलूम पसंद करने वाली महिला के पास जरूर होनी चाहिए।
1. महाराष्ट्र की पैठणी साड़ी
महाराष्ट्र की पैठणी साड़ी अपनी रॉयल पहचान और हाथ से बुने गए मोर, कमल व बेल-बूटों वाले पल्लू के लिए फेमस है। प्योर रेशम और सुनहरी जरी से तैयार यह साड़ी पारंपरिक मराठी शादी और त्योहारों की पहली पसंद है। इसकी बुनाई में कई सप्ताह से लेकर महीनों तक का समय लगता है।
2. उत्तर प्रदेश की बनारसी साड़ी

वाराणसी की बनारसी साड़ी भारतीय हैंडलूम की सबसे प्रतिष्ठित पहचान है। रेशम, जरी और मुगलकालीन डिजाइनों वाली यह साड़ी शादी-ब्याह और खास अवसरों के लिए खूब पसंद की जाती है। इसकी महीन कारीगरी इसे दुनिया की सबसे बेहतरीन हैंडलूम साड़ियों में शामिल करती है।
3. पश्चिम बंगाल की जामदानी साड़ी
जामदानी साड़ी अपनी बेहद हल्की बनावट और हाथ से बुने गए फ्लोटिंग मोटिफ्स के लिए फेमस है। सूती और मलमल कपड़े पर की गई बारीक बुनाई इसे गर्मियों और ट्रेडिशनल ओकेजन के लिए शानदार है।
4. तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी
कांजीवरम साड़ी दक्षिण भारत की शान मानी जाती है। शुद्ध रेशम, चौड़े बॉर्डर और असली जरी की वजह से इसकी अलग पहचान है। यह साड़ी पीढ़ियों तक संजो कर रखी जा सकती है और अक्सर विरासत के रूप में आगे बढ़ाई जाती है।
5. असम की मूंगा सिल्क साड़ी

असम की मूंगा सिल्क साड़ी नेचुरल सुनहरे रंग और मजबूती के लिए फेमस है। यह रेयर रेशम समय के साथ और अधिक शाइनी होता है। पारंपरिक असमिया कला इस हैंडलूम साड़ी की सबसे बड़ी खासियत है।
6. ओडिशा की सांबलपुरी साड़ी
सांबलपुरी साड़ी 'इकत' तकनीक से तैयार की जाती है। इसमें धागों को पहले रंगा जाता है और फिर बुनाई की जाती है। शंख, चक्र, फूल और पारंपरिक आकृतियां इस हैंडलूम साड़ी की पहचान हैं। यह साड़ी भारतीय हस्तकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
7. गुजरात की पटोला साड़ी
डबल इकत टैकनीक से बनने वाली पटोला साड़ी दुनिया की सबसे कठीन हैंडलूम बुनाई में गिनी जाती है। इसे तैयार करने में कई महीनों का समय लगता है। इसकी जियोमैट्रिक और ट्रेडिशनल डिज़ाइन इसे बेहद खास बनाती हैं।
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8. मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ी
चंदेरी साड़ी हल्के वजन, ट्रांसपेरेंट बनावट और रेशम-कॉटन के शानदार मिक्स के लिए फेमस है। इसका शाही लुक इसे ऑफिस, पूजा और खास समारोहों के लिए खास बनाता है।

9. आंध्र प्रदेश की पोचमपल्ली इकत साड़ी
पोचमपल्ली साड़ी अपनी रंग-बिरंगी इकत बुनाई और जियोमैट्रिक पैटर्न के लिए फेमस है। यह ट्रेडिशनल आर्ट और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत मेल है और पूरे भारत में महिलाओं की फेवरेट साड़ है।
10. बिहार की भागलपुरी सिल्क साड़ी
भागलपुरी सिल्क साड़ी को 'सिल्क सिटी' भागलपुर की पहचान माना जाता है। इसकी नेचुरल शाइन, हल्का वजन और आरामदायक फैब्रिक इसे रोजमर्रा से लेकर खास मौकों तक के लिए पॉपुलर करता है। इसकी मांग भारत के साथ विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है।
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