Nephrotic Syndrome in Children: बच्चों के चेहरे पर सूजन हमेशा एलर्जी का संकेत नहीं होती। यह नेफ्रोटिक सिंड्रोम जैसी किडनी की बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। जानें इसके शुरुआती लक्षण, कारण, इलाज और कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बच्चों के चेहरे पर सूजन आने का मतलब हमेशा एलर्जी नहीं होता है। अगर आपके बच्चे के साथ भी ऐसा हो रहा है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। बच्चों के डॉक्टर इमरान पटेल एक केस के बारे में बताते हुए कहते हैं कि एक बच्ची का चेहरा बहुत अधिक सूजा हुआ था। जांच के बाद किडनी की बीमारी का पता चला। बच्ची को इस नेफ्रेटिक सिंड्रोम की समस्या डायग्नोज हुई। जानिए इस बीमारी के बारे में खास बातें और इलाज।

बच्चों में नेफ्रेटिक सिंड्रोम की समस्या

 बच्चों में किडनी से जुड़ी एक आम बीमारी है, जिसमें यूरिन के जरिए शरीर से अत्यधिक प्रोटीन बाहर निकलने लगता है। इस कारण से बच्चों के चेहरे में सूजन आने लगती है। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो समय के हिसाब से बीमारी बढ़ने लहती है। सूजन बढ़कर हाथ पैरौं में भी आ जाती है।

नेफ्रोटिक सिंड्रोम के मुख्य लक्षण

  • सुबह उठने पर आंखों के आसपास और दिन ढलने पर पैरों में सूजन दिखाई पड़ना। धीरे-धीरे ये सूजन बढ़ भी जाती है।
  • यूरिन में प्रोटीन जाने के कारण झाग आने लगता है। इस लक्षण को जरूर देखना चाहिए।
  • शरीर में पानी रुकने से अचानक बच्चे का वजन भी बढ़ जाता है। साख ही भूख कम लगना, थकान महसूस होना और पेट में दर्द भी हो सकता है। 

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बच्चों में नेफ्रोटिक सिंड्रोम का इलाज कैसे किया जाता है? 

  1. बच्चों में स्टेरॉयड थेरेपी के जरिए नेफ्रोटिक सिंड्रोम का ट्रीटमेंट किया जाता है।पहली बार बीमारी का पता चलने पर 4 से 6 सप्ताह तक प्रेडनिसोलोन डॉक्टर देते हैं।
  2. डॉक्टर शरीर से सूजन को कम करने के लिए दवाएं देते हैं।
  3. साथ ही खान-पान में बदलाव करके भी नेफ्रोटिक सिंड्रोम की बीमारी ठीक की जाती है। खाने से नमक की मात्रा को कम कर दिया जाता है।

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