Newborn Baby Care Tips: नवजात बच्चों में समय के साथ ऐसे कई बदलाव होते हैं, जिन्हें लेकर परेशानी होने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। छींक, हिचकी से लेकर जाने उन 9 आदतों के बारे में जो बच्चे अक्सर करते हैं।

किसी भी कपल के लिए पेरेंट्स बनना जितना सुखद अहसास होता है, उतना चैलेंजिंग भी। नवजात को कैसे हैंडल करना है, कैसे देखभाल करनी है। ऐसे कई सवाल हर किसी के मन में आते हैं। कई बार तो बच्चों की छोटी सी हरकत पर माता-पिता परेशान हो जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मशहूर, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन मांडविया के अनुसार, बच्चों में ऐसे 9 बदलाव होते हैं, जिन्हें देखकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है बल्कि यह उनके विकास का हिस्सा है। आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में।

बार-बार छींक आना

बच्चे को दो-तीन छींक आने पर माता-पिता सर्दी-खांसी की दवाइयां ढूंढने लगते हैं, हालांकि ऐसा नहीं होता है। जन्म के बाद बच्चे अपने नेजल पैसेज को साफ कर रहे होते हैं, जो बाहरी वातावरण में ढलने में मदद करता है। अगर आपके बेटे को जुकाम भी है तो फिर डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों को हिचकी आना

अगर नवजात को हिचकी आ रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह बीमार या फिर किसी परेशानी में है। बार-बाहर हिचकी आने से बेबी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। यह अक्सर उनके डेवलप हो रहे डायाफ्राम की वजह से होता है।

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सोते समय चौंक जाना

हर बच्चा सोते समय चौंक जाता है। इसे स्टार्टल रिफ्लेक्स कहा जाता है। यह पूरी तरह से नॉर्मल है और यह दर्शाता है कि बच्चे का न्यूरोलॉजिकल विकास पूरी तरह से हो रहा है।

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सोते समय सांस से आवाज लेना

कई बार सांस से आवाज आना माता-पिता सीने में जकड़न समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता है। बच्चों में यह पूरी तरह से आम बात है। ऐसे इसलिए भी होता है क्योंकि वे धीरे-धीरे बाहरी दुनिया में सास लेना सीख रहे होते हैं।

आंखों का तिरछा करना

कई बार बच्चों की आंखे देखने में थोड़ी तिरछी लगती है। शुरुआत में ऐसा होना नॉर्मल है, क्योंकि धीरे-धीरे ही आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती है। समय के साथ यह खुद ठीक हो जाती है।

बच्चों की स्किन निकलना

शुरुआती 1 महीने में ज्यादातर बच्चों की त्वचा की पहली निकलती है। यह बहुत आम घटना है, जब तक बेबी स्किन ड्राई या कटी-फटी न हो तो किसी भी तरह की लोशन या क्रीम लगाने की जरूरत नहीं है।

अनियमित पॉटी

शिशुओं की पॉटी का रंग पीला या हरा हो सकता है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, कई दिनों तक पॉटी क न होना भी सामान्य हो सकता है। जरूरी है कि बच्चा एक्टिव हो और उसका वजन सही तरीके से बढ़ रहा हो।

क्रैडल कैप होना

बच्चों के सिर पर अक्सर पीले रंग की पपड़ीदार पैच दिखाई देता है। यह पूरी तरह से सामान्य है। हल्के हाथों से धोने और कंघी करने से यह साफ हो जाता है। हालांकि, यह साफ करने के बाद वापस आ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

बेबी एक्ने

शिशु के फेस पर अक्सर छोटे-छोटे लाल देना या सफेद फुंसियां हो जाती है। यह मां के हार्मोन के कारण होता है। इसके लिए किसी तरह की इलाज की जरूरत नहीं है, यह समय के साथ खुद पर खुद ठीक हो जाते हैं।

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