'रिलेशन-सिपिंग' Gen-Z का नया ट्रेंड है, जो रिश्तों में बड़े दिखावे के बजाय छोटे-छोटे पलों को महत्व देता है। यह सोशल मीडिया के दबाव से दूर, असली जुड़ाव और रोजमर्रा की छोटी खुशियों पर केंद्रित है।
आजकल सोशल मीडिया पर 'रिलेशन-सिपिंग' (Relation-sipping) नाम का एक ट्रेंड खूब चर्चा में है। आपने भी शायद इसके बारे में सुना होगा। यह Gen-Z यानी नई पीढ़ी का एक ट्रेंड है, जो प्यार और रिश्तों में बड़ी-बड़ी दिखावटी चीजों के बजाय छोटे-छोटे पलों को अहमियत देता है। 'सिपिंग' का मतलब होता है किसी चीज को धीरे-धीरे घूंट-घूंट कर पीना। इसी तरह, रिश्तों में बड़ी-बड़ी पार्टियों या सोशल मीडिया पर दिखावा करने के बजाय, रोजमर्रा की जिंदगी के सरल और मीठे पलों का आनंद लेने को ही यह ट्रेंड 'रिलेशन-सिपिंग' कहता है।
इस ट्रेंड को मानने वाले लोग प्यार को छोटी-छोटी चीजों में ढूंढते हैं। जैसे वीकेंड पर किसी महंगे होटल में जाने के बजाय, घर पर बैठकर पार्टनर की पसंदीदा फिल्म देखना या साथ में खाना बनाना। कीमती गहनों के बजाय, पार्टनर की पसंदीदा डिश बिना बताए ले आना या कोई पुरानी याद से जुड़ी छोटी सी चीज तोहफे में देना। फेसबुक या इंस्टाग्राम पर फोटो डालने के लिए डेट पर जाने के बजाय, उस पल को सिर्फ अपने लिए जीना। पार्टनर की छोटी-छोटी ख्वाहिशों को याद रखना, जैसे कि उन्हें कॉफी कैसी पसंद है।
यह क्यों पॉपुलर हो रहा है?
आज के दौर में ऐसा लगने लगा है कि सब कुछ 'इंस्टाग्राम पर दिखाने' के लिए हो रहा है। इस वजह से रिश्तों में असलियत कम होने की चिंता बढ़ गई है। यही कारण है कि युवा अब असली जुड़ाव (Authentic Connection) और ईमानदार प्यार चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े-बड़े दिखावे कभी-कभी तनाव पैदा कर सकते हैं, लेकिन ये छोटे-छोटे कदम रिश्ते को मजबूत बनाने और एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। रिलेशन-सिपिंग का मंत्र यही है कि "मैं तुम्हारी परवाह करता हूं" यह कहने के लिए किसी बड़े मंच की जरूरत नहीं है, बल्कि प्यार का एक छोटा सा घूंट ही काफी है।
इसे कैसे फॉलो करें?
बड़ी-बड़ी प्लानिंग करने के बजाय, दिन के 15-20 मिनट सिर्फ एक-दूसरे के लिए निकालें। शाम को काम से लौटने के बाद साथ में बालकनी में बैठकर कॉफी पीना या रात के खाने के बाद थोड़ी देर टहलने जाना। डिजिटल दुनिया से दूर रहें। जब आप दोनों साथ हों, तो फोन या सोशल मीडिया से दूर रहना इस ट्रेंड का एक अहम हिस्सा है। जब पार्टनर बात कर रहा हो, तो फोन देखने के बजाय, उनकी आंखों में देखकर सुनें। इससे उन्हें यह महसूस होता है कि "मुझे अहमियत मिल रही है।"
छोटी-छोटी यादों को महत्व दें। पार्टनर की कभी कही गई कोई छोटी सी बात याद रखकर उसे पूरा करना, किसी बड़े तोहफे से कहीं ज्यादा कीमती होता है। अचानक से उनका पसंदीदा फल ले आना या जब वे काम के तनाव में हों तो एक छोटा सा लव नोट लिखकर रख देना। सिर्फ बाहर घूमना ही नहीं, बल्कि घर के सामान्य कामों को साथ मिलकर करना भी इस ट्रेंड का एक हिस्सा है। साथ में सब्जी काटना, पौधों को पानी देना या घर को व्यवस्थित करना—इन सब के बीच होने वाली बातें रिश्ते को और भी मीठा बना देती हैं।
