दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार को मंदिर के निमार्ण के लिए सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को राम मंदिर बनवाने के लिए देश की पांच पीठों के शंकराचार्यों को शामिल करना चाहिए। साथ ही राम मंदिर निर्माण के नाम पर जमा हुई धनराशि का उपयोग करना चाहिए।

भोपाल. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपने फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला का मालिकाना हक बताया। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद का फैसला आने के बाद कह- हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को राम मंदिर निमार्ण के लिए सलाह भी दी है।

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दिग्वजिय ने कहा-30 साल पुराना है यह विवाद
अयोध्या मामले का फैसला आने के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा- 30 साल पुराना यह मुद्दा राजनीतिक नहीं था। लेकिन फिर भी इसका राजनीतिकरण किया गया। खैर जो भी हम इस फैसले का सम्मान करते हैं।

मंदिर निमार्ण के लिए दी यह सलाह
दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार को मंदिर के निमार्ण के लिए सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को राम मंदिर बनवाने के लिए देश की पांच पीठों के शंकराचार्यों को शामिल करना चाहिए। साथ ही राम मंदिर निर्माण के नाम पर जमा हुई धनराशि का उपयोग करना चाहिए। यह राशि को पहले सरकारी खजाने में जमा हो और इसी से मंदिर का निमार्ण बने।