कभी-कभी बच्चों का खेल इतना खतरनाक साबित हो जाता है कि एक चूक से मासूमों की जान तक चली जाती है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला हादसा राजधानी भोपाल से सामने आया है। जहां  खेल-खेल में दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई।

भोपाल (मध्य प्रदेश). कभी-कभी बच्चों का खेल इतना खतरनाक साबित हो जाता है कि एक चूक से मासूमों की जान तक चली जाती है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला हादसा राजधानी भोपाल से सामने आया है। जहां खेल-खेल में दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। परिवार वाले दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर भागे लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुके थे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बिलखते हुए पिता बोले-सब मेरी गलती से हुआ
दरअसल, यह दर्दनाक हादसा भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में शु्क्रवार शाम में घटी, यहां के रहने वाले विनीत मारण के दोनों बच्चे गद्दों के ढेर में दब गए, और दम घुटने से उनकी जान चली गई। पिता ने टेंट हाउस का काम करते हैं तो कोरोना की वजह से दुकान खाली करके सारा सामान घर पर रखवा दिया था। लेकिन उनको क्या पता था कि यह हादसा हो जाएगा। पिता बिलखते हुए कह रहे मुझे क्या पता था कि कुछ पैसे बचाने के चक्कर में मेरी सबसे बड़ी दौलत चली जाएगी।

तीन घंटे तक गद्दों के नीचे दबे रहे मासूम
बता दें कि मासूम बच्चे हर्षित और अंशिका दोनों खेलते-खेलते छत पर चले गए, किसी ने उनपर ध्यान नहीं दिया। काफी देर तक जब वो दिखाई नहीं दिए तब घरवाले उनको आसपास खोजने लगे। करीब तीन घंटे बाद जब वो छत पर गए तो मासूम गद्दों के नीचे दबे हुए थे। 

कुछ दिन पहले ही निकला था दोनों का जन्मदिन
अपने फूल से बच्चों की यह हालत देख घर में चीख-पुकार मच गई और हर कोई आंसू बहाने लगा। उन्हें तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि मासूम बेटे हर्षित का जन्मदिन 15 दिन पहले ही निकला था, जबकि अंशिका का जन्मदिन हर्षित के जन्मदिन से तीन महीने पहले निकला था।