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ये कैसे दिन..राख खाकर अपनी भूख मिटा रही 95 साल की यह बुजुर्ग महिला, कई दिन से नहीं देखी रोटी

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश).कोरोना वायरस का खात्मा  करने के लिए लॉकडाउन तो कर दिया है। लेकिन, इस दौरान कुछ जगह से दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरे सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक दुखद घटना मध्य प्रदेश के छिदंवाड़ा जिले में देखने को मिली। जहां एक बुजुर्ग महिला अपनी भूख मिटाने के लिए राख खाने को मजबूर हो गई।

Emotional story 95-year-old elderly hunger woman is eating her ashes in mp kpr
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Bhopal, First Published Apr 15, 2020, 12:07 PM IST
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छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश).कोरोना वायरस का खात्मा  करने के लिए लॉकडाउन तो कर दिया है। लेकिन, इस दौरान कुछ जगह से दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरे सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक दुखद घटना मध्य प्रदेश के छिदंवाड़ा जिले में देखने को मिली। जहां एक बुजुर्ग महिला अपनी भूख मिटाने के लिए राख खाने को मजबूर हो गई।

इकलौते बेटे ने भी नहीं दिया साथ
दरअसल, गरीबी की यह भयावह घटना छिंदवाड़ा जिले मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर भटेवाड़ी गांव में देखने को मिली। जहा 95 साल की वृद्धा पूनियाबाई धुर्वे कंडे की राख को अपना भोजन मानकर पेट भर रही थी। जानकारी के मुताबिक,  वृद्धा अपने इकलौते बेटे के साथ एक झोंपड़ी में रहती थी। लेकिन, कुछ दिन पहले वह बूढ़ी मां को अकेली छोड़कर कहीं चला गया। तब से लेकर लॉकडाउन से पहले तक वह गांव में मजदूरी करके और लोगों के घर खाना मांग कर अपना पेट भर रही थी।  लॉकडाउन के चलते ना तो कोई काम मिल रहा है और ना ही किसी के घर खाना मांगने जा पा रही है।

खबर लगते ही प्रशासन से की महिला के खाने की व्यवस्था
जब बुजुर्ग महिला की इस हालत के बारे में नगरपालिका के स्वच्छता उपनिरीक्षक रवि चौधरी को पता चली तो उन्होंने प्रशासन के जरिए वृद्धा के भोजन की व्यवस्था की। वहीं अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सभी कर्मचारियों को हिदायत दी की कोई भी गांव में भूखा नहीं रहे, इस बात का ध्यान रखा जाए।
 
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