कोरोना के कहर से लाखों परिवारों की खुशियां छिन चुकी हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश में एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। इस परिवार के घर जब यह खुशी आई तो वह अपने सारे गम भूल गया। उन्होंने अपनी बेटी का नाम भी सैनिटाइजर रखा हुआ है। जिसकी चर्चा इस समय हर कोई कर रहा है।

इंदौर, कोरोना वायरस जिस तरह से पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है, शायद ही इस महामारी को कोई ताउम्र भूल पाए। लाखों लोगों की मौत हो चुकी है और इतने ही परिवारों की खुशियां छिन चुकी हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश में एक कोरोना पॉजिटिव महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। इस परिवार के घर जब यह खुशी आई तो वह अपने सारे गम भूल गया। उन्होंने इस नन्हीं सी परी का नाम भी सैनिटाइजर रखा हुआ है। जिसकी चर्चा इस समय हर कोई कर रहा है।

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अस्पताल में सैनेटाइजर नाम से फेमस हुई बच्ची
दरअसल, इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने शुक्रवार को एक बेटी को जन्म दिया है। अस्पताल का स्टाप और यहां पर भर्ती बाकी के मरीज भी इस बच्ची को सैनेटाइजर नाम से पुकारने लगे। तो मासम के घरवालों ने उसका नाम भी सैनेटाइजर रख दिया।

जिंदगीभर याद रहेंगे यह पल
बता दें कि पॉजिटिव से निगेटिव हुई भारती नाम की महिला अपनी बच्ची को लेकर 7 दिव बाद जब घर के लिए रवाना हुई तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह यही कह रही थी कि कई गमों के बाद उसके घर यह खुशी आई है, इस पल को वह कभी नहीं भूलना चाहती है। इसलिए उसने बेटी का नाम सैनाटाइर रखा है। हालांकि वह बताती है कि इस नाम के लिए उसके पति राजी नहीं थी। लेकिन मेरे लिए उन्होंने यह नाम स्वीकार किया और वह भी बेटी को सैनेटाइजर कहकर पुकारने लगे।

दादा से नहीं मिल पाई पोती 
भारती कहती है कि उसको बस इतना ही दुख है कि उसकी बेटी अपने दादा से नहीं मिल पाई। क्योंकि कुछ दिन पहले बुजुर्ग की कोरोना के चलते मौत हो गई। महिला ने बताया की 5 मई को ससुर की तबीयत खराब थी। जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली। इसी दौरन 15 मई उनकी मौत हो गई। वह हमेश कहते थे कि मैं अपने पोते या पोती के साथ खेलूंगा। बस भगवान जल्दी मेरी गोद में वह अवसर दे दे।