भारी बारिश से अब तक एमपी में अलग-अलग जगह 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने 32  जिलो में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाढ़ के चलते एक गर्भवती महिला भी फंस गयी थी। वो डिलेवरी कराने के लिए जा रही थी

भोपाल. मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों कई इलाकों में हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। भारी बारिश से अब तक एमपी में अलग-अलग जगह 15 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने 32 जिलो में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते एक गर्भवती महिला भी बाढ़ में फंस गई। वो डिलेवरी कराने के लिए जा रही थी, लेकिन बाढ़ आजाने के कारण वह कहीं नही जा सकी।

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बारना पुल पर था 4 से 5 फीट पानी
दरअसल रायसेन जिले के बरेली में बारना नदी का जल स्तर बढ़ने से राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर बने पुल के ऊपर लगभग 4 से 5 फीट पानी बहने लगा था। इसी दौरान एक गर्भवती अपनी डिलेवरी के लिए भोपाल जाने के लिए घर से निकली थी। लेकिन बाढ़ आ जाने के बाद से वह फंस गई। लेकिन स्थानीय प्रशासन की मदद से महिला को निकालकर पास के एक निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया जहां उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। 

3 दिन से बंद है भोपाल से बरेली की सड़क
भारी बारिश के चलते प्रदेश से निकलने वाले कई हाईवे और स्टेट हाईवे बंद हो गए हैं। लोगों को एक शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह तो ये हालात हैं कि कई दिनों से रास्ते बंद हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 12 बरेली के पास बारना के ऊपर पानी आ जाने से यह रास्ता पिछले तीन दिन से बंद है। वहीं विदिशा-गैरतगंज मार्ग को पुल पर पानी आ जाने की वजह से बंद करना पड़ा है। जबकि बेतवा के उफान से विदिशा-रायसेन मार्ग पिछले 7 दिन से बंद है। ऐसे और कई रास्ते हैं जहां इस तरही की समस्या ले लोग गुजर रहे हैं।

भारी बारिश के चलते प्रदेश के सभी डैम के गेट खोले गए
बारिश के कारण जबलपुर के बरगी बांध पानी से लबालब हो गया है। इस वजह से बांध के 21 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं भोपाल के भदभदा डैम और कलियासोत डैम को भी एक बार खोलना पड़ा है। साथ ही रायसेन के बारना डैम के सभी गेटों के साथ होशंगाबाद के तवा के 9 गेट खोले गए। प्रदेश में कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है नर्मदा नदी। यहां आसपास रहने वाले लोगों को भी चेतावनी दे दी गई है। इस सीजन में पहली बार इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।