MP Transport Update: क्या मध्यप्रदेश में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है? जुलाई से इंदौर में दौड़ेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें? क्या निजी बस संचालकों पर इसका कोई असर पड़ेगा? जानिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की पूरी योजना।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान कंपनी के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रदेश में प्रस्तावित नई परिवहन व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश को परिवहन संचालन के लिए सात क्षेत्रों—इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा—में विभाजित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में पहले से संचालित शहरी परिवहन कंपनियों की भूमिका और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
PM E-Bus Service और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत इंदौर से
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत बस संचालन की शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से की जाएगी। इंदौर संभाग के सभी जिले और अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) इस व्यवस्था के तहत प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
इंदौर से प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले इंटरसिटी रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा शहर के भीतर सिटी बस सेवा और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के लिए अंतर्राज्यीय बसों का संचालन भी किया जाएगा।
जुलाई से इंदौर में दौड़ेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन इंदौर शहर में जुलाई माह से शुरू करने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों से विभिन्न जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए कुल 620 मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 2432 बसों का संचालन किया जाएगा। इनमें अकेले इंदौर क्षेत्र से प्रदेश के विभिन्न जिलों तक जाने वाले 121 मार्ग तय किए गए हैं, जहां 608 बसें संचालित होंगी।
आम लोगों की सुविधा के लिए शहर और उपनगरीय क्षेत्रों तक पहुंचेगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा में सिटी बस सेवा भी संचालित की जाएगी। इन बसों को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आसपास के महत्वपूर्ण उपनगरीय क्षेत्रों तक भी चलाया जाएगा। इंदौर क्षेत्र में शहर और उपनगरीय क्षेत्रों के लिए 28 रूट निर्धारित किए गए हैं। इन मार्गों पर पीएम ई-बस सेवा की 150 बसों सहित कुल 784 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
इंदौर से चार राज्यों के लिए भी चलेंगी अंतर्राज्यीय बसें
इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जाने वाले कुल 101 अंतर्राज्यीय मार्गों पर बसें चलाई जाएंगी। इन मार्गों पर AICTSL द्वारा 276 बसों का संचालन किया जाएगा। इस तरह इंदौर से संचालित होने वाले इंटरसिटी, सिटी और अंतर्राज्यीय रूटों की कुल संख्या 250 होगी, जिन पर 1688 बसें चलाने की योजना बनाई गई है।
पूरे प्रदेश में 1164 मार्गों पर संचालित होंगी 5206 बसें
बैठक में यह भी बताया गया कि जिस मॉडल पर इंदौर क्षेत्र में बस संचालन होगा, उसी तरह शेष छह क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी संबंधित सहायक कंपनियां बस सेवाओं का संचालन करेंगी। प्रदेशभर में विभिन्न श्रेणियों के कुल 1164 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिन पर 5206 बसों का संचालन प्रस्तावित है। यह संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई परिवहन व्यवस्था से वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट या संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। निजी बसें पहले की तरह अपनी मौजूदा व्यवस्था के अनुसार संचालित होती रहेंगी।
नई परिवहन कंपनियों और भर्ती नियमों को मंजूरी
बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए गठित राज्य स्तरीय कंपनी और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की संगठनात्मक संरचना को मंजूरी दी गई। साथ ही सेवा भर्ती नियम-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में आईटी एवं आईटीएमएस, प्लानिंग एवं अनुबंध, नीति एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि, अधोसंरचना, प्रवर्तन एवं गुणवत्ता तथा बिजनेस डेवलपमेंट सहित कुल सात विभाग कार्य करेंगे।
इन विभागों के प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक होंगे। इन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति भी की जा सकेगी।
1190 नए पदों का होगा सृजन
राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में उच्च, वरिष्ठ और कनिष्ठ प्रबंधकीय श्रेणियों के कुल 140 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में 150 पदों को मंजूरी दी गई है। बसों की सुरक्षा, प्रवर्तन और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पुलिस, विशेष सशस्त्र बल और सेवानिवृत्त अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति या संविदा के आधार पर नियुक्त किया जा सकेगा।
गुणवत्ता नियंत्रण के लिए भी अलग पद स्वीकृत किए गए हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सेवा मिल सके। राज्य स्तरीय कंपनी और सातों क्षेत्रीय कंपनियों को मिलाकर कुल 1190 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों पर भर्ती अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए आवश्यक निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत बस स्टॉप, बस सेवा और अन्य जनसुविधाओं को संबंधित कलेक्टरों और नगरीय निकायों के सहयोग से बेहतर तरीके से विकसित किया जाए। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को सातों कंपनियों की देनदारियों से जुड़े मामलों पर व्यावहारिक और उचित निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 करोड़ रुपये तथा मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार पेड-अप कैपिटल 35 करोड़ रुपये रखने के निर्देश दिए।


