सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक दिन पहले ही कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की सारी पटकथा लिख दी थी। इसके बाद आधिकारियों सख्त आदेश दिए थे कि प्रदेश के सारे भू-माफियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके अपराधिक रिकॉर्ड निकाले जाएं। 

भोपाल (मध्य प्रदेश). फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भीड़ जुटाने वाले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद अब मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अब शिवराज सरकार और मध्य प्रदेश प्रशासन ने मसूद के अपराधों की कुंडली निकल ली है। कैसे एमएलए के खिलाफ 34 साल में 34 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। बता दें कि भोपाल के शाहजहांनाबाद थाने से लेकर नए भोपाल तक में उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, शासकीय कामों में बाधा, बलवा जैसे संगीन अपराध दर्ज हो चुके हैं। सबसे पहला मामला साल 1986 में दर्ज हुआ था।

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1986 से 2020 तक के अपराधों की लिस्ट निकाली
बताया जाता है कि बुधवार रात ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विधायक के की सारी पटकथा लिख दी थी। इसके बाद आधिकारियों के साथ मीटिंग कर सख्त आदेश दिए थे कि प्रदेश के सारे भू-माफियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके सारे रिकॉर्ड निकाले जाएं। इसके बाद आज सुबह 7 बजे सबसे पहले विधायक के खिलाफ शिकंजा कसते हुए बड़े तालाब किनारे अवैध बनी कॉलेज बिल्डिंग को बुल्डोजर से गिरा दिया गया। इसके बाद विधायक के सारे अपराधिक मामलों की कुंडली निकाल ली गई। जिसमें साल 1986 से लेकर साल 2020 के अभी तके मामले दर्ज हैं।

(1986 से 2020 तक के अपराधों की लिस्ट, अलग-अलग थानों में दर्ज हैं केस)

सीएम के आदेश के बाद प्रशासन हुआ सख्त
बता दें कि एक दिन पहले ही विधायक पर फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुए भाषण देते हुए धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज हो चुका है। इसके बाद सीएम ने शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा था मध्य प्रदेश शांति का टापू है। अगर कोई शांति भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 विधायक ने ईंट से ईंट बजाने की दी धमकी
विधायक आरिफ मसूद पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने 1 नवंबर को इकबाल मैदान में भीड़ को एकत्रित कर फ्रांस के राष्ट्रपति पुतला फूंका था। जो कि कोरोना कॉल में कानूनी नियमों के खिलाफ है। इतना ही नहीं उन्होंने भाषण देते हुए केंद्र और राज्य पर आरोप लगाया था कि यह हिंदूवादी सरकारें फ्रांस के प्रिसिडेंट का सपोर्ट कर रही हैं। उन्होंने धमकी देते हुए कहा था कि अगर दोनों सरकारों ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। जिसके तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।