मध्य प्रदेश के भोपाल में 2 पड़ोसियों के झगड़े में 7 महीने की मासूम की सिर में डंडा लगने से मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानवरों को रोकने पड़ोसी रास्ते में बागड़ लगा रहे थे। बच्ची की मां ने उन्हें रोका, तो एक पड़ोसी ने उसे थप्पड़ मार दिया। पत्नी को पिटता देख पति मासूम बेटी को गोद में लेकर बाहर आया। इस बीच पड़ोसी ने गुस्से में उस पर डंडे से प्रहार कर दिया। लेकिन वो झुक गया। इससे डंडा गोद में लेटी मासूम के सिर में जा लगा।

भोपाल, मध्य प्रदेश. दो पड़ोसियों के मामूली-से झगड़े में 7 महीने की बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ गई। जानवरों को रोकने पड़ोसी रास्ते में बागड़ लगा रहे थे। बच्ची की मां ने उन्हें रोका, तो एक पड़ोसी ने उसे थप्पड़ मार दिया। पत्नी को पिटता देख पति मासूम बेटी को गोद में लेकर बाहर आया। इस बीच पड़ोसी ने गुस्से में उस पर डंडे से प्रहार कर दिया। लेकिन वो झुक गया। इससे डंडा गोद में लेटी मासूम के सिर में जा लगा। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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बागड़ बनी झगड़े की वजह...
गुनगा पुलिस के अनुसार रतुआ में रहने वाले 25 वर्षीय मनीष जाट का अपने पड़ोसियों से बागड़ को लेकर विवाद चल रहा था। एएसपी जोन-4 दिनेश कौशल ने बताया कि मुकेश यादव और उसके परिजन जानवरों को रोकने बागड़ लगा रहे थे। इससे रास्ता बंद होते देख मनीष की पत्नी ने विरोध जताया। इस पर मुकेश ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। पत्नी को बचाने मनीष अपनी बेटी को गोद में लिए ही बाहर निकला। इस पर मुकेश ने मनीष पर डंडे से हमला कर दिया। लेकिन मनीष ने अपनी गर्दन झुका ली। इससे डंडा गोद में ली हुई बेटी मिस्टी के सिर में जा लगा।

हमलावर ही बाइक पर बच्ची को इलाज के लिए ले गया
मासूम के सिर से खून निकलता देख सब घबरा गए। आपसी झगड़ा भूलकर हमलवार मुकेश खुद अपनी बाइक पर मनीष के साथ उसकी बेटी को निजी अस्पताल ले गया। वे एक अन्य अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से उसे हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन खून अधिक बह जाने के कारण बच्ची को बचाया नहीं जा सका।

डरके मारे जंगल में छुप गए आरोपी..
घटना के बाद आरोपी मुकेश यादव और उसके दो साथी समंदर यादव तथा शिवनारायण कुशवाह डरके मारे जंगल में जाकर छुप गए थे। करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने तीनों को ढूंढ निकाला। गुनगा थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी सोनम झरवडे की अगुवाई में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।