गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने इस बारे में मीडिया को जानकरी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बौतर महिला कांस्टेबल महिला होकर भी पुरुषों की तरह ड्यूटी करती थी। उसने सेक्स चेंज करवाने के लिए पुलिस मुख्यालय को आवेदन दिया था। जिसके बाद सारी प्रोसेस पूरी होने के बाद 1 दिसंबर को यह अनुमति दे दी है।

भोपाल, मध्यप्रदेश के पुलिस विभाग से ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जो शायद देश का पहला केस है। क्योंकि प्रदेश की एक महिला कांस्टेबल (female constable) अपना जेंटर चेंज कराने जा रही है। इतना ही नहीं बुधवार को राज्य के गृह विभाग ने लेडी सिपाही को अपना लिए लिंग बदलने की अनुमति भी दे दी है। यह ऐसा पहला केस है जिसमें सरकार की तरफ से किसी शासकीय कर्मचारी को इस तरह इजाजत दी है। अब लिंग परिवर्तन होने के बाद महिला की पुरुष आरक्षक के रूप में पहचान होगी। 

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अपर सचिव ने पुलिस सिपाही की बताई कहानी
दरअसल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा (Chief Secretary Dr Rajesh Rajoura) ने इस बारे में मीडिया को जानकरी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बौतर महिला कांस्टेबल अंजलि (परिवर्तित नाम) एक जिला में अपनी सेवाएं दे रही है। महिला आरक्षक को बचपन से ही जेंडर आइडेंटिटी डिसआर्डर की परेशानी से जूझ रही थी। वह महिला होकर भी पुरुषों की तरह ड्यूटी करती थी। उसने सेक्स चेंज करवाने के लिए पुलिस मुख्यालय को आवेदन दिया था। जिसके बाद सारी प्रोसेस पूरी होने के बाद 1 दिसंबर को यह अनुमति दे दी है।

लड़की होकर भी वो ड्यटी पर लड़का जैसा व्यवहार करती
डॉ राजेश राजौरा ने बताया कि पुलिस विभाग ने बाकायदा महिला कांस्टेबल की मनोचिकित्सकों द्वारा जांच कराई। रिपोर्ट में भी आया कि वो आइडेंटिटी डिसऑर्डर या जेंडर डायसोफोरिया से ग्रसित है। वहीं हमने देखा कि वह ड्यटी के दौरान लड़की होकर भी लड़के की तरह व्यवहार करती है। सेक्स चेंज के लिए विधिवत आवेदन करने के बाद उसे प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 दिसंबर को अनुमति दी गई है। 


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